
नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आज अपना तीसरा आम बजट पेश किया। महिलाओं को उम्मीद थी कि इस दौरान उनके लिए खास ऐलान किए जा सकते हैं। नई स्कीमों के लागू करने से लेकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। मगर वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में महिलाओं एवं बच्चों के लिए ज्यादा कुछ खास नहीं रहा। महज दो महत्वपूर्ण घोषणाओं को छोड़कर महिलाओं के हाथ खाली रहे। वहीं बच्चों के लिए न्यूट्रिशन स्कीम के सिवाय और कोई विशेष पैकेज का ऐलान नहीं किया गया। तो क्या रहा महिलाओं के लिए इस बजट में खास, जानें अहम बिंदु।
उज्जवला योजना का विस्तार
महिलाओं के लिए चलाई जाने वाली पीएम उज्जवला योजना को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए इसमें लाभार्थियों की संख्या को 1 करोड़ और बढ़ा दिया है। इससे ज्यादा महिलाओं को स्कीम का लाभ मिल सकेगा। इस योजना के तहत निशुल्क गैस कनेक्शन मुहैया कराया जाता है। इससे महिलाओं को पारंपरिक तरीके से खाना पकाने की समस्या से छुटकारा मिलता है।
महिलाओं को सभी क्षेत्र में काम की मिली अनुमति
वैसे तो 21वीं सदी में महिला एवं पुरूष दोनों को समान रूप से कार्य करने का अधिकार प्राप्त है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं को काम करने की इजाजत नहीं है। ऐसे में इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को सभी श्रेणी के तहत काम करने की अनुमति दिए जाने की घोषणा की। साथ ही उन्हें नाइट शिफ्ट में काम करने की भी छूट दी गई। हालांकि इस दौरान उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए विशेष नियम बनाए जाने की भी बात कही गई।
न्यूट्रिशन मिशन को बढ़ाया
बजट में महिलाओं के अलावा बाल विकास के लिए सरकार ने नेशनल न्यूट्रिशन बजट को बढ़ाया है। साल 2021-22 के लिए 3 हजार 700 करोड़ देने का ऐलान किया गया। पिछले साल यह रकम करीब 3 हजार 400 करोड़ थी। इसके अलावा सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम और पोषण अभियान को एक में मिलाए जाने की भी घोषणा की गई।
असम और बंगाल के लिए स्पेशल स्कीम
आगामी चुनावों की छाप बजट साल 2021-22 में देखने को मिली। लोगों को लुभाने के मकसद से वित्त मंत्री ने असम और बंगाल में महिला एवं बाल विकास के लिए स्पेशल स्कीम चलाए जाने की घोषणा की। इसमें चाय कर्मचारियों के लिए 1 हजार करोड़ रूपए दिए जाने की भी बात कही गई।
ये रही अन्य घोषणाएं
महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में बात करते हुए वित्त मंत्री ने मिशन पोषण को लांच करने की भी बात कही। इसके अलावा 15 हजार स्कूलों को नेशनल एजुकेशन पाॅलिसी के तहत मजबूती दिए जाने, 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाने, नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल पेश किए जाने आदि की भी बात कही।