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आयकर विभाग के नाम पर चूना लगा रहे हैकर, कहीं आपको भी नहीं मिला एेसा ईमेल

जैसे-जैसे रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आती है। धोखाधड़ी मामले बढ़ते चले जा रहे हैं।
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Jul 12, 2018
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नई दिल्ली। रिटर्न फाइल करने की आपाधापी में कहीं आप किसी फ्रॉड के चक्कर में न पड़ जाएं। दरअसल, कई लोगों को इनकम टैक्स विभाग से आयकर रिटर्न से जुड़ा ईमेल आ रहा है। लोग भी बिना सोचे समझे इस ईमेल को खोलकर हैकर्स के शिकार बन रहे हैं। हैकर्स इसकी मदद से आपके फाइनैंशियल लेनदेन की जानकारी लेकर आपको तगड़ा झटका दे सकते हैं। हैकर्स इनकम टैक्स की मिलती-जुलती आईडी से ही मेल भेजते हैं जिससे टैक्सपेयर को ऐसा लगता है की यह ईमेल इनका टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आया है।

एेसे धोखाधड़ी करते हैं हैकर
हैकर्स टैक्सपेयर को जो मेल भेजते हैं उसमें कहा जाता है कि टैक्स रिटर्न में हुई मिस कैलकुलेशन की वजह से हम माफी चाहते हैं। डेटाबेस में टैक्सपेयर से संबंधित गलत जानकारी की वजह से यह समस्या आई है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि नीचे दिए गए लिंक पर जाकर अपना टैक्स रिटर्न पूरा करें। जब आप दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं तो वहां आपके बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। अगर आप आपने बैंक से जुड़ी जानकारी शेयर कर देते हैं तो हैकर्स आपके बैंक अकाउंट को हैक कर सारा पैसा निकाल लेते हैं।

एेसे करें हैकर्स की ईमेल आईडी की पहचान
लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए हैकर जो आईडी इस्तेमाल कर रहे हैं वह donotreply@incometaxindiafilling.gov.in है। जबकि सरकार की आईडी donotreply@incometaxindiaefiling.gov.in है। हैकर की आईडी और सरकार की आईडी में दो अंतर हैं। पहला अंतर फाइलिंग की स्पेलिंग को लेकर है। हैकर की ईमेल आईडी में (filling) में डबल एल (ll) है, जबकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ईमेल आईडी में फाइलिंग (filing) की सही स्पेलिंग यानी सिंगल एल (l) है। दूसरा यह कि हैकर ईमेल में सिर्फ फाइलिंग (filling) है जबकि सही सरकारी ईमेल आईडी में फाइलिंग से पहले ई (efliling) है।

आयकर विभाग ने लोगों को किया सचेत
यह मामला सामने आने के बाद आयकर विभाग ने लोगों को सचेत करना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग का कहना है कि हम लोगों से बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड डिटेल नहीं मांगते हैं। आयकर विभाग के अनुसार जैसे-जैसे रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आती है। एेसे मामले बढ़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने अपनी वेबसाइट पर चेतावनी जारी की है। साथ ही टैक्सपेयर्स को ईमेल और मैसेज के जरिए भी इस फर्जीवाड़े से सचेत किया जा रहा है।

Published on:
12 Jul 2018 02:35 pm