-कोरोना ( Coronavirus ) के कारण सुस्त पड़ी आर्थिक व्यवस्था ( Indian Economy ) को गति देने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। -उद्यमशीलता ( Entrepreneurship ) को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। -इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों ( Loan for Entrepreneurs ) पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है। कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) के छोटे कारोबारियों के लिए योगी सरकार आर्थिक मदद करेगी।
नई दिल्ली।
कोरोना ( coronavirus ) के कारण सुस्त पड़ी आर्थिक व्यवस्था ( Indian Economy ) को गति देने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। उद्यमशीलता ( Entrepreneurship ) को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों ( Loan for Entrepreneurs ) पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है।
कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) के छोटे कारोबारियों के लिए योगी सरकार आर्थिक मदद करेगी। योगी सरकार कारोबारियों को बिजनेस बढ़ाने के लिए अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए 5 लाख रुपए की मदद करेगी। इसे 'स्टार्ट अप नीति 2020' का नाम दिया गया है, जिसके तहत सरकार मार्केटिंग सहायता के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। सरकार ने नई स्टार्ट अप नीति 2020 को अधिसूचित कर दिया गया है।
MSME सेक्टर को मजबूती की योजना
बता दें कि केंद्र सरकार MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। इसके लिए कई तरह की मदद का ऐलान किया गया है। इनमें बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन के साथ-साथ लोन के ब्याज में सब्सिडी तक शामिल है। रजिस्टर्ड MSME को सब्सिडी और टैक्स छूट का फायदा मिलता है। इसके अलावा पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) का फायदा भी मिलता है। रजिस्ट्रेशन से उन्हें कम ब्याज दर पर आसानी से लोन मिल सकता है।
प्रदेश में लागू होगा स्टार्ट अप प्लान
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इस नीति को लागू करेगी। पूरे प्रदेश में स्टार्ट अप ( Startup ) और इन्क्यूबेशन सेंटर को बढ़ावा दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ( इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी ) आलोक कुमार के मुताबिक नई नीति के तहत MSME के लिए 5 लाख रूपये तक की मार्केटिंग मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि IT एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग नए स्टार्ट अप और MSME के वेंचर कैपिटल फंडिंग में मदद के लिए Sidbi (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) के साथ मिलकर काम कर रहा है। बता दें कि PHDCCI चेंबर के सदस्यों की संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा है और इनमें से 70 फीसदी MSME हैं