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Tax Saving Tips: माता-पिता को शेयर गिफ्ट करके क्या बचाया जा सकता है टैक्स? जानिए क्या कहते हैं नियम

Gifting Shares Tax Rules: घर परिवार के लोगों को शेयर गिफ्ट करके टैक्स बचाया जा सकता है। लेकिन पहले इस बात का ध्यान रखना होता है कि किस सदस्य को गिफ्ट करने से टैक्स बचत का फायदा मिलेगा और किसे नहीं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) और 64 इन मामलों के लिए हैं।
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Gift Shares Parents Or Wife

पत्नी और माता-पिता को शेयर गिफ्ट करने में टैक्स के नियम अलग-अलग हैं। (फोटो: AI)

Income Tax Rules On Gift Shares: माता-पिता या जीवनसाथी को शेयर गिफ्ट करना सिर्फ संपत्ति से जुड़ा फैसला नहीं है, बल्कि इससे आपके परिवार का टैक्स बिल कम हो सकता है। लेकिन पहले यह जानना जरूरी है कि माता-पिता को शेयर गिफ्ट करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, जबकि पत्नी या पति को गिफ्ट करने पर टैक्स की बचत नहीं होती। ऐसा इसलिए क्योंकि इनकम टैक्स कानून के मुताबिक गिफ्ट देने पर तो कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन बाद में उस पर मिलने वाले मुनाफे और डिविडेंड पर टैक्स के नियम अलग-अलग रिश्तों में बिल्कुल अलग हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।

गिफ्ट देने पर टैक्स नहीं

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) के तहत नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर गिफ्ट करने पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसमें माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे और भाई-बहन शामिल हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि गिफ्ट के बाद शेयर से मिलने वाले डिविडेंड या मुनाफे पर टैक्स किसे भरना होगा।

माता-पिता को गिफ्ट देना फायदे का सौदा

माता-पिता पर क्लबिंग यानी आय जोड़ने का नियम लागू नहीं होता। इसलिए गिफ्ट में मिले शेयर से होने वाली कमाई पर उन्हें अपने हिसाब से ही टैक्स देना होता है, न कि आपकी दर से। उदाहरण के तौर पर अगर आप रिटायर्ड पिता को 5 लाख रुपये के शेयर गिफ्ट करते हैं और वे एक साल बाद बेचकर 1 लाख रुपये का मुनाफा कमाते हैं, तो अगर उनकी कुल आय टैक्स सीमा से कम है तो उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा।

पत्नी को गिफ्ट देने पर फायदा नहीं

अगर यही 5 लाख के शेयर पत्नी को गिफ्ट किए होते तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 64 के मुताबिक पति या पत्नी को गिफ्ट किए गए शेयर से होने वाली कमाई वापस गिफ्ट देने वाले की आय में जोड़ दी जाती है। यानी डिविडेंड और मुनाफा दोनों पर टैक्स आपकी ही दर से लगेगा, भले ही शेयर पत्नी के नाम पर हों।

कुछ खास मामलों में मिल सकती है छूट

कुछ खास परिस्थितियों में क्लबिंग का नियम लागू नहीं होता, जैसे पत्नी अपने खुद के पैसों से शेयर खरीदे, कोर्ट के आदेश के तहत ट्रांसफर हों, या ऐसी संपत्ति में पैसा लगाया जाए जिससे मिलने वाली आय टैक्स-मुक्त हो। लेकिन ये मामले बहुत सीमित हैं।

कैपिटल गेन निकालते समय ध्यान रखें यह बात

गिफ्ट के शेयर बेचते वक्त खरीद की कीमत वही मानी जाएगी, जो गिफ्ट देने वाले ने चुकाई थी। उदाहरण के लिए अगर आपने 1,20,000 रुपये के शेयर खरीदे और गिफ्ट देते समय उनकी कीमत 2,00,000 रुपये हो गई और पिता ने बाद में 2,50,000 रुपये में शेयर बेच दिए तो टैक्स की गणना 1,20,000 रुपये की मूल खरीद कीमत से होगी, न कि 2,00,000 रुपये से।