सत्ता में आते ही पीएम मोदी ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने में लग गए हैं अब से पीएम किसान सम्मान निधि ( kisan samman nidhi ) का लाभ देश के सभी किसानों को मिलेगा शनिवार को इस अधिसूचना को स्वीकार कर लिया गया है
नई दिल्ली। सत्ता में आते ही पीएम मोदी ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने में लग गए हैं। मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना में भी बड़ा बदलाव किया है। अब से पीएम किसान सम्मान निधि ( Kisan Samman Nidhi ) का लाभ देश के सभी किसानों को मिलेगा। 14.5 करोड़ किसानों को अब से इस योजना का लाभ मिलेगा। शनिवार को इस अधिसूचना को स्वीकार कर लिया गया है। इससे इस योजना का लाभ देश के सभी किसानों को मिल सकेगा, चाहे उनके पास कितनी भी जमीन हो।
सभी किसानों को मिलेगा इस योजना का लाभ
आपको बता दें कि इस योजना के तहत सरकार किसानों को खाते में सालाना 6,000 रुपए डालेगी। इस बारे में फैसला 31 मई को नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA ) सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया। वर्ष 2019 के आम चुनाव के अपने चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने इस योजना का लाभ सभी किसानों को देने का वादा किया था।
इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
इस फैसले को अधिसूचित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों लाभार्थियों की पहचान करने को कहा है क्योंकि इस योजना में वह किसान शामिल नहीं हैं, जिनके पास सरकारी नौकरी है। इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। अगर कोई किसान पेशे से डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, मंत्री या किसी भी ऐसे पेशे में है, जिसमें अच्छी कमाई होती है। उन लोगों को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
इन लोगों को मिलेगा लाभ
आपको बता दें कि सरकार के इस फैसले से देश भर के 14.5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। पहले इस योजना का लाभ सिर्फ उन किसानों को दिया जा रहा था, जिसके पास दो हेक्टेयर की जमीन ती, लेकिन अब सरकार ने इस शर्त को हटा दिया है। पीएम मोदी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ये घोषणा की कि अब से देश के सभी किसानों को इस खास योजना का लाभ मिलेगा। अब तक 3.11 करोड़ छोटे किसानों को इस योजना के तहत दो हजार रुपए की पहली किश्त मिल चुकी है। वहीं, 2.75 करोड़ किसानों को दूसरी किश्त भी मिल चुकी है।
ऐसे की जाएगी लाभार्थियों की पहचान
केंद्र ने राज्य सरकारों को “मौजूदा भूमि स्वामित्व प्रणाली” का उपयोग करने के लिए कहा है ताकि लाभार्थियों की पहचान की जा सके और पीएम-किसान पोर्टल पर परिवार के विवरण अपलोड होने के बाद उनके खाते में पैसे भेजें जा सकें। इसमें कहा गया है कि पात्र लाभार्थी किसानों की पहचान करने और पीएम-किसान पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की है।
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