Personal Finance

Online Money Transfer करते समय रहे सावधान, एक छोटी सी गलती से खाली हो सकता है अकाउंट

बढ़ रहा है ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का चलन छोटी-छोटी गलतियां पड़ जाती है भारी IFSC कोड डालना होता है जरूरी

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Jul 20, 2020
ifsc code

नई दिल्ली : आजकल कोरोनावायरस ( Coronavirus ) की वजह से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ( Online money transaction )n बढ़ गया है। आए दिन ऑनलाइन मनी ट्रांसफर ( Online Money Transfer ) करने के बावजूद कई बार लोग जल्दबाजी में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जो उनकी फाइनेंशियल हेल्थ के लिए ठीक नहीं होती। फंड ट्रांसफर करते समय अकाउंट नंबर ( bank account number ) से लेकर बैंक का IFSC Code सबकुछ सही होना चाहिए। लेकिन अक्सर लोग IFSC कोड डालने में गलती कर देते हैं। हालांकि हर बैंक का अपना अलग IFSC होता है और इसके गलत होने की संभावना न के बराबर होती है लेकिन ऐसा कभी नहीं हो सकता ये मानना गलत होगा। IFSC की जरूरत नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT), रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) या इमिडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के जरिए फंड ट्रांसफर करते समय होती है।

क्या होता है IFSC Code- ये 11 डिजिट का एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिसकी मदद से हर बैंक के प्रत्येक ब्रांच को पहचाना जा सकता है। आमतौर पर इस कोड का पहला 4 डिजिट बैंक का नाम होता है। पांचवां डिजिट “0" और अंतिम 6 डिजिट ब्रांच कोड होता है

Reserve Bank Of India के मुताबिक ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने से पहले यह जानकारी देना अनिवार्य है।

कैसे हो जाती है गलती- कुछ बैंक आईएफएससी ( IFSC Code ) लिखने का भी विकल्प देते हैं। ऐसे में आईएफएससी कोड ( IFSC Code ) को लेकर दो तरह की गलतियों की संभावना होती है।

गलत ब्रांच का आईएफएससी सेलेक्ट करने की गलती

गलत बैंक का आईएफएससी सेलेक्ट करने की गलती

दोनो ही हालातों में पैसे ट्रांसफर ( Money Transfer ) हो जाएंगे लेकिन वो अपने सही डेस्टिनेशन पर नहीं पहुंच पाएंगे। इसके चलते आपको नुकसान हो सकता है। क्योंकि अकाउंट नंबर ( Account Number ) तो किसी नंबर्स का एक कॉम्बिनेशन होता है। ऐसे में संभव हो सकता है कि एक है कि एक ही अकाउंट नंबर से दो अलग-अलग बैंकों में अकाउंट हो।

Published on:
20 Jul 2020 04:00 pm
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