5वें इंडिया आइडियाज कॉन्क्लेव में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि क्यों मोदी सरकार ने अलग रेल बजट की दशकों पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि रेल बजट का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए होता था
नर्इ दिल्ली।मोदी सरकार में रेल बजट नहीं लाया गया। आम बजट के साथ ही रेल के बजट को समावेश कर दिया गया था। जिसके बारे में काफी चर्चा भी की गर्इ थी। लेकिन इस बात का पुख्ता आैर ठोस कारण सरकार नहीं बता सकी थी कि आखिर रेज बजट को खत्म क्यों किया गया? अब जब मोदी सरकार टेन्योर खत्म होने को हैं। जल्द ही आम चुनाव के बाद नर्इ सरकार आने वाली है तो रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बारे में बड़ा ही चौंकाने वाला बयान हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रेल बलट बंद करने के पीछे पीयूष गोयल की आेर से क्या कारण बताया गया?
राजनीतिक फायदे के लिए होता था रेल बजट का इस्तेमाल
5वें इंडिया आइडियाज कॉन्क्लेव में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि क्यों मोदी सरकार ने अलग रेल बजट की दशकों पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि रेल बजट का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए होता था और इसे रोकने के लिए यह फैसला किया गया। रेलमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समावेशी और टिकाऊ विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली योजनाओं पर फोकस कर रहे हैं।
राजनीतिक दखलअंदाजी हुर्इ खत्म
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने रेलवे की कार्यप्रणाली बदली है। सरकार ने राजनीतिक दखलअंदाजी रोकने के लिए अलग रेलवे बजट को खत्म कर दिया। सरकार उन चीजों को प्राथमिकता दी जो भारत के लिए अच्छा है ना कि केवल राजनीतिक वर्ग के लिए। रेल मंत्री ने चुनावों में रेल बजट के इस्तेमाल को लेकर कहा कि पिछले 65 सालों में हर रेल बजट राजनीतिक हथियार के रूप इस्तेमाल किया गया है। इन पर चुनाव लड़े गए और वादे किए गए।