Post Office Savings Account: डाकघर की योजनाओं में निवेश सबसे सुरक्षित और गारंटीड माना जाता है। इसके बावजूद आपने डाक एक गलती कर दी तो महीने में एक रुपए का भी ब्याज नहीं मिलेगा।
नई दिल्ली। भारतीय डाकघर की बचत स्कीमों में आज भी लोगों का भरोसा पहले की तरह बरकरार है। फिर डाकघर की स्कीमों में निवेश करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप किसी भी तरह के नुकसान से चिंतामुक्त रहते हैं। बैंकों में आपका अधिकतम पांच लाख रुपए ही गारंटीड है। यही वजह है क डाकघर का बचत खाता ( Post Office Savings Account ) आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है। लेकिन भूल से भी आपने एक गलती कर दी तो महीने में एक रुपए का भी ब्याज ( interest )नहीं मिलेगा। इसलिए डाकघर बचत खाताधारकों को चाहिए कि वो कुछ बातों को हर हाल में ख्याल रखें।
बड़े नुकसान से बचने के लिए न करें ये गलती
इंडिया पोस्ट आफिस ( IPO ) की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक डाकघर बचत खाते में ब्याज की गणना महीने की 10 तारीख और महीने के अंत के बीच खाते में मौजूद न्यूनतम बैलेंस के आधार पर की जाती है। अगर किसी महीने में 10 तारीख और महीने के अंत के बीच खाते में शेष राशि 500 रुपए से कम हुई तो उस महीने आपको कोई ब्याज मिलेगा। इसलिए डाकघर बचत खाते में महीने की 10 तारीख और आखिरी तारीख के बीच कम से कम मिनिमम 500 रुपए का बैलेंस जरूर रखें।
Read More: LIC Fraud Alert: पॉलिसीधारक भूल से भी न करें ये काम, डूब सकती है जिंदगी भर की कमाई
ऐसा होने पर पेनल्टी का भी करना पड़ सकता है भुगतान
भारतीय डाकघर बच खाते में न्यूनतम बैलेंस ( minimum balance ) 500 रुपए रखना जरूरी है। अधिकतम बैलेंस आप कितना भी रख सकते हैं। मिनिमम बैलेंस बरकरार न रखने पर हर वित्त वर्ष के आखिरी दिन अकाउंट से 100 रुपए बतौर मेंटीनेंस फीस काट ली जाएगी। फीस काटने के बाद अगर खाते में बैलेंस निल हो गया तो यह अपने आप बंद हो जाएगा। खास बात यह है कि डाकघर बचत खाते से न्यूनतम 50 रुपए की भी निकासी की जा सकती है। खाते को बंद करने के समय और ब्याज का भुगतान उस पूर्ववर्ती महीने तक किया जाएगा, जिसमें खाता बंद किया गया।
इस बात का रखें खास ख्याल
डाकघर बचत खाते के जरिए बैंकिंग सर्विसेज का लाभ लेने के लिए याद रखें कि आपका खाता साइलेंट ( Silent ) नहीं होना चाहिए। डाकघर के बचत खाते से अगर लगातार तीन वित्तीय वर्षों तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ, न पैसा जमा किया गया और न ही निकाला गया तो खाता साइलेंट या डोरमेंट हो जाएगा। इसके बाद हो सकता है कि आप डाकघर बचत खाते से जुड़ी सर्विसेज का लाभ न ले सकें। डोरमेंट अकाउंट को रिवाइव करने के लिए आपको अपने खाते की मौजूदगी वाले डाकघर में ऐप्लीकेशन और नए केवाईसी डॉक्युमेंट देने होंगे। साथ ही डाकघर बचत खाते की पासबुक भी लगानी होगी।