-SBI Alert: अगर आप भी एसबीआई के ग्राहक ( SBI Customers ) हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। -एसबीआई ने एक अक्टूबर ( SBI Banking Rules ) से बदले वाले नियमों को लेकर ग्राहकों को अलर्ट किया है। -बैंक ने ट्वीट कर ग्राहकों को जानकारी दी है कि अब 1 अक्टूबर से ग्राहकों को विदेश में लेनदेन के लिए टैक्स ( Tax ) चुकाना होगा। -बता दें कि केंद्र सरकार ( Central Government ) ने विदेश पैसे भेजने के नियमों बदलाव किए हैं।
नई दिल्ली।
SBI Alert: अगर आप भी एसबीआई के ग्राहक ( SBI Customers ) हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एसबीआई ने एक अक्टूबर ( SBI Banking Rules ) से बदले वाले नियमों को लेकर ग्राहकों को अलर्ट किया है। ऐसे में अगर ध्यान नहीं दिया तो इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। बैंक ने ट्वीट कर ग्राहकों को जानकारी दी है कि अब 1 अक्टूबर से ग्राहकों को विदेश में लेनदेन के लिए टैक्स ( Tax ) चुकाना होगा। यानी कि ग्राहकों को विदेश पैसा भेजने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा। बता दें कि केंद्र सरकार ( Central Government ) ने विदेश पैसे भेजने के नियमों बदलाव किए हैं।
ट्रांजेक्शन पर लगेगा टैक्स
केंद्र सरकार के नये नियमों के मुताबिक, अब विदेश फंड भेजने पर सरकार लोगों के टैक्स वसूलेगी। यानी अगर आपके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं और आप उनके खर्च के लिए यहां से पैसे भेजते हैं तो आपको अब इस रकम पर टैक्स देना पड़ेगा। सरकार ने 7 लाख से अधिक की राशि पर टैक्स वसूलने का नियम बनाया है। यह नियम 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा।
फाइनेंस एक्ट 2020 ( Finance Act 2020 ) में बदलाव
बता दें कि केंद्र सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2020 में बदलाव किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम ( LRS ) के तहत अब विदेश पैसा भेजने पर आपको टीसीएस देना होगा। अब टैक्स का भुगतान करना होगा। लोगों को 5 फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स ( TCS ) का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। एलआरएस के तहत आप 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं।
नियमों में कुछ राहत भी
हालांकि, केंद्र सरकार ने इन नियमों में कुछ राहत भी दी है। जिसके तहत अगर बच्चों की पढ़ाई के लिए 7 लाख रुपये तक की रकम भेजते हैं तो आपको TCS टैक्स भुगतान नहीं करना होगा। वहीं, इससे अधिक पर 0.05 फीसदी टैक्स देना होगा। इसके अलावा टूर पैकेज के लिए भेजे गए पैसे पर टीसीएस नहीं देना होगा। 7 लाख से अधिक की रकम विदेश भेजन पर आपको टीसीएस का भुगतान करना होगा।