
नई दिल्ली। यदि आप देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक SBI के ग्राहक हैं तो यह खबर आपके लिए है। खबरों के अनुसार ग्राहकों की गलतियां SBI को खूब भा रही हैं। इससे बैंक को हर साल हजारों करोड़ रुपए का फायदा हो रहा है। दरअसल SBI ग्राहकों से हो रहीं छोटी-छोटी गलतियों पर भी उनके खाते से पैसा काट रहा है। इससे बैंक लगातार मालामाल हो रहा है, जबकि ग्राहकों को बिना वजह हर साल चपत लग रही है।
साइन नहीं मिलने पर वसूल रहा रकम
एक हिन्दी समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार चेक पर साइन नहीं मिलने पर SBI ने पिछले 40 महीने में 38 करोड़ 80 लाख रुपए की कमाई की है। आरटीआई के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पिछले 40 महीने में भारतीय स्टेट बैंक ने 24 लाख 71 हजार चेक रिटर्न किए हैं। बैंक के नियमों के अनुसार यदि कोई चेक रिटर्न होता है तो उस ग्राहक से 150 रुपए वसूले जाते हैं। इस रकम पर जीएसटी लगकर यह 157 रुपए हो जाती है। एेसे में बैंक ने पिछले 40 महीने में साइन नहीं मिलने पर चेक लौटाकर ही 38 करोड़ 80 लाख रुपए कमा लिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में ही बैंक ने 11.9 करोड़ रुपए कमाए हैं।
मिनिमम बैलेंस न रखने पर काट रहे पैसे
इसके अलावा देश का सबसे बड़ा बैंक मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर भी बैंक खातों से रकम काट रहा है। वित्त मंत्रालय की जनवरी 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2017 से नवंबर 2017 तक बैंक ने मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर ग्राहकों के खाते से 1771 करोड़ रुपए वसूले हैं। मिनिमम बैलेंस न रखने के एवज में बैंक की ओर से काटी जा रही यह रकम उसके दूसरी तिमाही के नेट प्रॉफिट से भी ज्यादा है। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारतीय स्टेट बैंक का नेट प्रॉफिट 1581 करोड़ रुपए के करीब था।