SBI increases MCLR on loans : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक बार फिर एमसीएलआर रेट में इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी से बैंक से घर-वाहन समेत दूसरे लोन लेना महंगा हो जाएगा। वहीं, पहले से लोन लिए ग्राहकों पर भी ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। एमसीएलआर में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
SBI increases MCLR on loans : भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI ) ने एक बार फिर ग्राहकों को झटका दिया है। एसबीआई ने एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लैंडिग रेट) में इजाफा किया है। नई दरें 15 मई यानी रविवार से ही लागू हो गई हैं। एसबीआई ने एमसीएलआर में इस महीने की दूसरी बढ़ोतरी है। बैंक ने 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10 फीसदी की वृद्धि हर समयावधि (टेन्योर) के लिए की है। इस बढ़ोतरी से बैंक से घर-वाहन समेत दूसरे लोन लेना महंगा हो जाएगा। वहीं, पहले से लोन लिए ग्राहकों पर भी ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। माना जा रहा है कि एसबीआई के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद दूसरे बड़े बैंक भी जल्द ही ऐसा ही कदम उठा सकते हैं।
एक महीने दूसरी बार बढ़ाई एमसीएलआर
सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी सीमांत लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) में 10 आधार अंकों या 0.1 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह एक महीने में दूसरी बढ़ोतरी है। लगातार दो वृद्धि के साथ एमसीएलआर में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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इस तरह ब्याज बढ़ोतरी का बोझ बढ़ेगा
एक महीने में दूसरी बढ़ोतरी के बाद अब एसबीआई का न्यूनतम ब्याज दर 6.85 फीसदी और अधिकतम ब्याज दर 7.5 फीसदी हो गई है। एसबीआई का ओवरनाइट, एक माह और तीन माह का एमसीएलआर अब 6.75 फीसदी बढ़कर 6.85 फीसदी हो गया है। वहीं 6 माह का एमसीएलआर 7.15 फीसदी, एक साल के लिए 7.20 फीसदी, 2 साल के लिए 7.40 फीसदी और तीन साल के लिए यह बढ़कर 7.50 फीसदी हो गया है।
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ग्राहकों पर पड़ेगा ये असर
एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लैंडिग रेट में इजाफा करने के बाद ग्राहकों द्वारा लिए गए लोन की मासिक ईएमआई में वृद्धि होगी। इसके साथ ही अब नए ग्राहकों के लिए भी लोन महंगा हो जाएगा। बता दें कि बैंक का यह फैसला आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद आया है। आरबीआई ने 40 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की थी।