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SBI को अपने 1600 करोड़ रुपए की चिंता नही, जेट एयरवेज का कर्ज नजरअंदाज करने लायक: चेयरमैन

SBI को अपने फंसे पैसो की चिंता नही बैंक के मुताबिक 16000 करोड़ की रकम नजरअंदाज करने लायक 50 फीसदी की प्रोविजनिंग की कही बात
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SBI को अपने 1600 करोड़ रुपए की चिंता नही, जेट एयरवेज का कर्ज नजरअंदाज करने लायक: ;चेयरमैन

नई दिल्ली। भातरीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयमैन रजनीश कुमार ने कहा कि जेट एयरवेज में फंसा एसबीआई का पैसा चिंता का कोई कारण नहीं है, क्योंकि यह रकम करीब 1,600 करोड़ रुपये है, जोकि बैंक की कुल एनपीए का महज सात आधार अंक (बीपीएस) है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि देश के सबसे बड़े कर्जदाता बैंक की रकम जेट एयरवेज में फंस जाने से कोई चिंता नहीं है। वहीं, एनपीए से संबंधित दूसरे प्रमुख खाते, आईएलएंडएफ के खाते के संबंध उन्होंने कहा कि इस खाते में 50 फीसदी रकम की प्रोविजनिंग की गई है। आईएलएंडएफएस में बैंक की 3,487 करोड़ रुपये की रकम फंसी हुई है।

नजरअंदाज करने वाली रकम
एसबीआई चेयरमैन ने कहा कि , "जेट एयरवेज में फंसी कुल रकम हमारे सकल एनपीए का सात बीपीएस है। इसलिए यह चिंता की बात नहीं है। 23 लाख करोड़ रुपये कर्ज की बही में 1,600 करोड़ रुपये सकल एनपीए का महज सात बीपीएस है। इसलिए इसे नजरंदाज किया जा सकता है।" कुमार ने कहा कि जेट एयरवेज में फंसी रकम की बात भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक ने एस्सार और दो अन्य खातों के लिए 100 फीसदी प्रोविजनिंग की है। एसबीआई के प्रबंध निदेशक अभिजीत बसु ने कहा, "आईएलएंडएफएस के लिए एनपीए की पहचान आरबीआई के मानकों के अनुसार किया गया है। हमने सभी होल्डिंग कंपनियों में 50 फीसदी की प्रोविजनिंग की है। इसमें 3,487 करोड़ रुपये फंसी हुई और इसमें एनपीए 1,125 करोड़ रुपये है।

हाल ही में घटाया MCLR

हालांकि हाल ही में SBI ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 फीसदी की कटौती की है, जिसके बाद लोन लेने वाले ग्राहकों राहत मिली है। एक साल के कर्ज पर एमसीएलआर 8.50 फीसदी से घटाकर 8.45 फीसदी पर आ गई हैं। अब आपको पहले की तुलना में कम ईएमआई देनी होगी।

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Updated on:
11 May 2019 01:43 pm
Published on:
11 May 2019 01:13 pm