हाईकोर्ट ने एचडीआईएल के प्रमोटर्स को जेल से घर ट्रांसफर करने का दिया था आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर लगाया स्टे, जेल में रहेंगे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट के उस आदेश पर स्टे लगा दिया है, जिसमें आदेश दिया है कि एचडीआईएल के प्रमोटर्स राकेश वधावन और सारंग वधावन को आर्थर रोड जेल से उनके घर में शिफ्ट कर सकते हैं। बांगे हाईकोर्ट की ओर से एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद राकेश वधावन और सारंग वधावन को ऑर्थर रोड जेल से घर में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा की ओर से हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
फैसले पर रोक लगाने की मांग
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायधीश एसए बोबड़े, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ के सामने मामले को रखते हुए कहा कि राकेश वधावन और सारंग वधावन को ऑर्थर रोड जेल से आवास में ट्रांसफर करना दोनों को जमानत देने की तरह होगा। उन्होंने इस फैसले पर रोक लगाने की सुप्रीम कोर्ट से मांग की। आपको बता दें कि राकेश वधावन और सारंग वधावन को 7 हजार करोड़ रुपए के पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव (पीएमसी) घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
मेहता ने कहा कि दोनों प्रमोटर्स को आवास में ट्रांसफर करने को उनकी आपत्ति की गई है। उन्होंने कहा कि बांबे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त समिति की निगरानी में प्रमोटर्स की संपत्तियों की बिक्री से संबंधित आवास को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर की दलीलों को मानते हुए प्रमोटर्स के ट्रांसफर के ऑर्डर पर रोक लगा दी है।