ट्रंप प्रशासन ने चीन के 34 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया है, जबकि बीजिंग ने इसका मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है।
नई दिल्ली। अमरीका और चीन के बीच शुक्रवार को आधिकारिक रूप से व्यापार युद्ध शुरू हो गया। ट्रंप प्रशासन ने चीन के 34 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया है, जबकि बीजिंग ने इसका मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। अमरीकी मीडिया के मुताबिक, यह आयात शुल्क रात 12 बजे से प्रभावी हो गया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुल्क के प्रभावी होने के चंद मिनटों बाद जारी बयान में कहा कि चीन ने पहला वार नहीं करने का वादा किया था लेकिन देश और यहां के लोगों के हित के लिए हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। हालांकि, इस बयान में चीन के पलटवार की जानकारी नहीं दी गई।
कई उत्पादों पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया
ट्रंप प्रशासन ने चीन के औद्योगिक मशीनकरी, मेडिकल उपकरण और ऑटो पार्ट्स जैसे चीनी उत्पादों पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया है। ट्रंप ने गुरुवार को अपने रुख से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए और लगभग 500 अरब डॉलर के चीनी सामान पर शुल्क लगाने की संभावना जताई। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि अब 34 और अगले दो सप्ताह में 16 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगेगा। अमरीका के इस कदम के बाद शुक्रवार को चीन के शेयर बाजार में शंघाई कंपोजिट सूचकांक 1.1 फीसदी लुढ़क गया।
चीनी नागरिकों को वीजा देने में भी अडंगा लगा रहा अमरीका
चीन के विनिर्माता पहले ही युआन में मजबूती से जूझ रहे हैं क्योंकि इससे निर्यात और महंगा हो गया है। मीडिया के अनुसार ट्रंप और उनके सलाहकारों का कहना है कि चीन की अनुचित गतिविधियों को देखकर यह शुल्क चीन पर दबाव बनाने के लिए जरूरी था। व्हाइट हाउस ने शुल्क लगाने के अलावा निवेश और चीनी नागरिकों को वीजा देने पर भी अडंगा लगा रहा है।