
हसन रूहानी की चेतावनी, कहा- ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकल सकता है
तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने परमाणु समझौते से बाहर निकलने की बात कही है। रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते में ईरान के हितों का ध्यान नहीं रखा गया तो वह इस करार से बाहर निकल जाएंगे। बता दें कि ये बातें ईरान के राष्ट्रपति ने ऑस्ट्रिया की राजधानी में बैठक के दौरान कहीं।
अपने दायित्वों के प्रति पूर तरह से प्रतिबद्ध है
रूहानी ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के (आईएईए)के महानिदेशक युकिया अमानो को बताया कि ईरान अंतर्राष्ट्रीय परमाणु संस्था के साथ सहयोग स्तर पर पुनर्विचार कर सकता है। रूहानी ने आगे कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां सही है और शांतिपूर्ण रही हैं। इरान ने यह बात हमेशा साबित किया है। उन्हेंने कहा कि हम इस करार को लेकर अपने दायित्वों के प्रति पूर तरह से प्रतिबद्ध हैं।
परमाणु समझौते से अमरीका का बाहर निकलना गलत
वहीं, इससे पहले राष्ट्रपति हसन ने परमाणु समझौते से अमरीका के बाहर निकलने को गलत बताया था। उन्होंने ने कहा कि अमरीका के निकलने से किसी को भी लाभ नहीं होगा। रूहानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर इस समझौते से जुड़े दूसरे देश समझौते का सम्मान करें तो ईरान इस समझौते पर रहेगा और सहयोग करता रहेगा। बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते को गलत बताते हुए वह इसी साल आठ मई को इससे बाहर निकल गए थे।
अमरीका के समझौते से बाहर होने की बात कहने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्रंप पर इस समझौते से जुड़े रहने को दबाव बनाया था। लेकिन उन्होंने इसे नहीं माना।
कब हुआ था करार...
जुलाई 2015 में ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और यूरोपीय संघ के बीच वियना में ईरान परमाणु समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों पर रोक लगानी है। इसके एवज में उसे अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
Published on:
06 Jul 2018 11:16 am
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