Hindi Diwas के मौके पर हम आप को बता रहे है कैसे अपने ही देश में बेगानी हो रही है हिंदी, मिशनरी स्कूल में हिंदी बोलने पर बच्चों पर लगाया जाता है जुर्माना, किया जाता है दंडित।
फिरोजाबाद। साल में एक दिन 14 सितंबर हिंंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, डाकघर, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों में हिंदी में काम करने के बारेे में लिखा होता है लेकिन वास्तविकता जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि अपने ही देश में हिंदी बेगानी हो गई है। हिंदी में बोलने पर जुर्माना भी देना पड़ता है। न चाहते हुए भी बच्चे अंग्रेजी बोलने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
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इस स्कूल का है मामला
फिरोजाबाद के टूंडला में संचालित होने वाले क्राइस्ट द किंग इंटर कॉलेज के अंदर हाल ही में नया नियम बनाया गया है। विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के मुताबिक विद्यालय में अंग्रेजी पर खासा जोर है। बड़ी कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों को आपस में बात करने के लिए अंग्रेजी में बात करनी होगी। अंग्रेजी में बात न करने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। कक्षा पांच तक ही बच्चे हिंदी में बात कर सकेंगे। उससे ऊपर की कक्षाओं में अंग्रेजी भाषा का बोलचाल में प्रयोग किया जाएगा।
कर दी थी पिटाई
एक सप्ताह पूर्व टूंडला रेस्टकैंप में रहने वाले कक्षा नौ के छात्र को विद्यालय के फादर ने इसििलए मारा पीटा क्योंकि वह हिंदी में बात कर रहा था और फादर द्वारा दिए गए निर्देश कि अंग्रेजी में बात करनी है। उसे लेकर व्यंग्य कस रहा था। फादर ने उसे इतना मारा कि उसके कान का पर्दा भी फट गया था। मामले को लेकर फादर के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में फादर एंड्रयू कोरिया का कहना है कि बच्चे अंग्रेजी सीख सखें इसलिए उन्हें अंग्रेजी बोलने के लिए प्रेरित किया जाता है। हिंदी भी बच्चों को पढ़ाई जाती है। बच्चे को हमने बात करने पर चांटा मारा था।