फिरोजाबाद

दुल्हन की विदा कराकर जा रही थी बस, रास्ते में हुआ ऐसा हादसा जिसे सुनकर कांप गई सभी की रूह, देखें वीडियो

— फिरोजाबाद के मक्खनपुर के समीन अनियंत्रित होकर पलट गई मिनी बस, हादसे में दुल्हन समेत करीब 20 लोग हुए घायल।
2 min read
Accident
Accident

फिरोजाबाद। दुल्हन की विदा कराकर मैनपुरी की ओर जा रही बारातियों से भरी मिनी बस मक्खनपुर क्षेत्र में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दुल्हन समेत करीब 20 बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम घायलों का उपचार कर रही है। हादसे के पीछे चालक को झपकी आना बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें—

फिरोजाबाद से जा रही थी मैनपुरी
रविवार को मैनपुरी से एक बारात फिरोजाबाद आई थी। देर रात्रि बारात विदा होकर मैनपुरी वापस जा रही थी। मिनी बस में दुल्हन के साथ बाराती भी सवार थे। रात्रि करीब ढाई बजे मिनी बस मक्खनपुर क्षेत्र में पहुंची थी। तभी चालक को झपकी आ गई और मिनी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। मौके पर चीख पुकार मच गई। दुल्हन समेत अन्य बाराती जान बचाने के प्रयास करने लगे।

यह भी पढ़ें—


पीआरवी ने बचाई जान
डायल 100 पीआरवी 0658 ने मौके पर पहुँच थाना मक्खनपुर पुलिस को सूचना दी। एसएसआई मक्खनपुर मय पुलिस पीआरवी एसएसआई रामौतार सिंह, कांस्टेबल धनपाल सिंह, होमगार्ड शेर सिंह सहित मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने घायलों को किसी प्रकार सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। जहां बारातियों के घायल होने की जानकारी होने पर चिकित्सकों की टीम उपचार के लिए लगाई गई। चिकित्सकों का कहना है कि समय से उपचार मिल जाने के कारण सभी की हालत में अब सुधार है। किसी भी बाराती की स्थिति नाजुक नहीं है।

यह भी पढ़ें—

यह भी पढ़ें—

Published on:
10 Sept 2018 02:47 pm
Also Read
View All
‘हां, मैंने ही पति को मार डाला,गुस्से में छाती पर बैठ घोंट दिया गला’, फिरोजाबाद में पत्नी का कबूलनामा, पुलिस ने भेजा जेल

बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के मकान पर किसका हक? प्रशासन ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

नीम करोली बाबा के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, जन्मस्थली से समाधि स्थल तक बनेगा पर्यटन सर्किट

बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली पर किसका कब्जा? छह पोतियां पहुंचीं डीएम के पास, परिवार ने ट्रस्ट पर लगाया कब्जे का आरोप

एक बार फिर चर्चा में आए ASP अनुज चौधरी; कांवड़ यात्रियों के लिए बांटा भंडारा; सुरक्षा व्यवस्था भी रही चाक-चौबंद