
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप2026 (fifa world cup 2026) के राउंड ऑफ 16 में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। मुकाबला लंबे समय तक बराबरी पर था, लेकिन दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में मिकेल मेरिनो ने 90+1वें मिनट में गोल कर पुर्तगाल की उम्मीदों को झटका दे दिया। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर एक बार फिर निराशा में बदल गया। हालांकि, रोनाल्डो की कहानी सिर्फ हार-जीत या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। उनकी जिंदगी में ऐसे कई किस्से हैं, जो उन्हें फुटबॉल की दुनिया का सबसे अलग और चर्चित चेहरा बनाते हैं। आपको बताते हैं रोनाल्डो से जुड़े 7 किस्से।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन से प्रेरित बताया जाता है। बचपन से ही रोनाल्डो में फुटबॉल को लेकर अलग जुनून था, लेकिन उनका सफर आसान नहीं रहा।
रोनाल्डो को किशोर उम्र में टैकीकार्डिया (Tachycardia) की समस्या हुई थी। इस बीमारी में दिल की धड़कन सामान्य से तेज हो जाती है। इलाज के लिए उनकी सर्जरी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ ही दिनों बाद वह फिर ट्रेनिंग पर लौट आए।
रोनाल्डो के शरीर पर कोई टैटू नहीं है। इसकी वजह रक्तदान बताई जाती है। वह नियमित रूप से ब्लड डोनेट करते हैं और बोन मैरो डोनेशन को लेकर भी जागरूकता फैलाते रहे हैं।
रोनाल्डो ने अपने एक यूरोपियन गोल्डन बूट की नीलामी से मिली बड़ी रकम बच्चों की शिक्षा से जुड़े कामों के लिए दान की थी। यह किस्सा उनके मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
पुर्तगाल के मदीरा में जन्मे रोनाल्डो को उनके शहर ने बड़ा सम्मान दिया। 2017 में मदीरा एयरपोर्ट का नाम बदलकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखा गया।
रोनाल्डो सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि ग्लोबल आइकन हैं। कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया ओकानागन में उनके प्रभाव और लोकप्रियता पर समाजशास्त्र का कोर्स भी शुरू किया गया।
मैनचेस्टर यूनाइटेड पहुंचने पर रोनाल्डो 28 नंबर की जर्सी चाहते थे, लेकिन एलेक्स फर्ग्यूसन ने उन्हें 7 नंबर दिया। यही नंबर आगे चलकर उनकी पहचान बन गया। आज CR7 सिर्फ जर्सी नंबर नहीं, बल्कि एक बड़ा ब्रांड है।