
FIFA Nepal Football Suspension: नेपाल फुटबॉल को बड़ा झटका लगा है। वर्ल्ड फुटबॉल के इंटरनेशनल गवर्निंग संगठन फीफा (FIFA) ने नेपाल फुटबॉल यूनियन (ANFA) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। फीफा का कहना है कि यूनियन के कामकाज में तीसरे पक्ष का दखल हुआ है, जो उसके नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
एएनएफए (ANFA) के सेक्रेटरी जनरल किरण राय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फीफा काउंसिल ब्यूरो ने यह फैसला लिया है। फीफा ने माना कि यूनियन के मामलों में बाहरी दखल दिया गया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई।
फीफा के नियमों के अनुसार किसी भी सदस्य फुटबॉल यूनियन के कामकाज में तीसरे पक्ष का बिन वजह दखल नहीं होना चाहिए। फीफा के संविधान के आर्टिकल (अनुच्छेद) 14 की उपधारा 1(ए) और 3 में इसका साफ और स्पष्ट उल्लेख है।
पिछले कुछ समय से नेपाल के नेशनल खेल काउंसिल (NSC) और एएनएफए के बीच चुनाव और यूनियन के मैनेजमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) पहले भी नेपाल को चेतावनी दे चुके थे। दोनों संस्थाओं ने कहा था कि यदि यूनियन के कामकाज में बाहरी दखल जारी रहा तो सस्पेंशन जैसी कार्रवाई की जा सकती है। अब सस्पेंशन लागू होने के बाद नेपाल की नेशनल फुटबॉल टीम, क्लब और फुटबॉल अधिकारी फीफा और एएफसी के तहत होने वाली किसी भी इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन या आधिकारिक कार्यो में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इससे नेपाल के फुटबॉल कार्यक्रमों पर सीधा असर पड़ेगा।
फीफा ने साफ किया है कि यह सस्पेंशन तभी हटाया जाएगा, जब तीसरे पक्ष का दखल पूरी तरह खत्म होगा और एएनएफए (ANFA) फीफा की सभी शर्तों को पूरा करेगा। फीफा के इस फैसले से नेपाल फुटबॉल बड़ी मुश्किलों में आ गया है। आने वाले समय में इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में नेपाल की भागीदारी पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नेपाल फुटबॉल यूनियन फीफा की शर्तों को कब तक पूरा कर पाता है और यह सस्पेंशन कब हटता है।