
Cristiano Ronaldo And Mikel Merino: फीफा वर्ल्ड कप2026 (FIFA World Cup 2026) के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। डलास में खेले गए इस मैच का फैसला स्टॉपेज टाइम में हुआ, जब सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो (Mikel Merino) ने विजयी गोल किया। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) का फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया और पुर्तगाल टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
पूरे मैच के दौरान स्पेन ने गेंद पर ज्यादा कंट्रोल बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए, लेकिन पुर्तगाल का डिफेंस स्कोर बराबरी पर बनाए रखने में सफल रहा। मैच के 85वें मिनट में स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते (Luis de la Fuente) ने दानी ओल्मो (Dani Olmo) की जगह मिकेल को मैदान पर उतारा। जिसके बाद ये बदलाव निर्णायक साबित हुआ। इसके 6 मिनट बाद मेरिनो ने तेजी से लिए गए फ्री-किक पर मिले मौके को भुनाते हुए डिएगो कोस्टा (Diego Costa) को छकाकर गोल कर दिया। इसी गोल ने स्पेन को अंतिम 8 टीमों में पहुंचा दिया।
मेरिनो का यह गोल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया। सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन की जमकर चर्चा हुई। कई प्रशंसकों ने अहम मौकों पर गोल करने की उनकी क्षमता की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने इसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) के किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में आखिरी मुकाबले के रूप में देखा।
एक यूजर ने लिखा, '' मेरिनो के मैदान पर आते ही लग गया था कि वह गोल करेंगे।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "फुटबॉल बेहद क्रूर खेल है। मिकेल मेरिनो ने रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म कर दिया।"
वहीं, कुछ प्रशंसकों ने यह भी कहा कि मेरिनो ने पहले टोनी क्रूस (Toni Kroos) के खिलाफ अहम भूमिका निभाई थी और अब एक और दिग्गज खिलाड़ी के करियर के अंत की चर्चा उनसे जुड़ गई। वहीं, आर्सेनल (Arsenal) के समर्थकों ने भी मिडफील्डर के इस निर्णायक योगदान का जश्न मनाया।
हालांकि, मैच के दौरान BBC के हाफटाइम कार्यक्रम में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वेन रूनी (Wayne Rooney) ने पुर्तगाल (Portugal) की रणनीति की आलोचना की। उनका मानना था कि टीम ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।
रूनी ने कहा कि अगर टीम में रोनाल्डो खेल रहे हैं तो उन्हें गेंद भी उसी तरह मिलनी चाहिए। उन्होंने ब्रूनो फर्नांडिस (Bruno Fernandes) के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि गेंद बॉक्स में डाली जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो को 30 गज दूर गेंद देने के बजाय पेनल्टी एरिया में मौके देने चाहिए, क्योंकि वहीं वह सबसे ज्यादा प्रभावी हैं।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पूरे 90 मिनट मैदान पर बिताए। इस दौरान उन्होंने लक्ष्य पर दो शॉट लगाए और एक मौका भी बनाया, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने वह मैच का रुख नहीं बदल सके। अंतिम सीटी बजने के बाद रोनाल्डो भावुक नजर आए और उनकी आंखों में आंसू थे। अब इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि यह राष्ट्रीय टीम के लिए उनका आखिरी मुकाबला था या नहीं।