साम्पोली ने आइसलैंड के साथ होने वाले मुकाबले से पहले कहा, "मैं नहीं मानता कि यह मेसी का अंतिम विश्व कप है।
नई दिल्ली। अर्जेटीना की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कोच जॉर्ज साम्पोली का कहना है कि रूस में खेला जा रहा फीफा विश्व कप अर्जेटीनी सुपरस्टार लियोनेल मेसी का अंतिम विश्व कप नहीं है। पांच बार फीफा द्वारा बालोन डी'ओर पुरस्कार से नवाजे जा चुके मेसी 30 साल के हो गए हैं।
अपने करियर पर फैसला मेसी लेंगे
साम्पोली ने आइसलैंड के साथ होने वाले मुकाबले से पहले कहा, "मैं नहीं मानता कि यह मेसी का अंतिम विश्व कप है। वैसे यह फैसला मेसी को ही लेना है कि उनके करियर का समापन कप होगा लेकिन मेरी नजर में यह निश्चित तौर पर उनका अंतिम विश्व कप नहीं है।"2014 में ब्राजील में आयोजित विश्व कप के 20वें संस्करण के फाइनल में जर्मनी के हाथों हारने वाली अर्जेटीनी टीम मेसी के नेतृत्व में 2018 विश्व कप के अपने अभियान का आगाज आइसलैंड के साथ खेलते हुए करेगी। आइसलैंड की टीम पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही है। दोनों टीमें ग्रुप डी के पहले मैच में लुजिनकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। यह आइसलैंड का पहला विश्व कप है और टीम इसकी सकारात्मक शुरुआत करना चाहेगी।
आइसलैंड के कोच आइसलैंड के कोच
आइसलैंड के कोच हेमिर हॉलग्रिम्सन हैं जो पेआइसलैंड के कोच। उनके आने के बाद से टीम में लगतार सुधार किया है। इस टीम के पास भले ही मेसी जैसा स्टार खिलाड़ी ने हो लेकिन कोच ने इसे एकजुट रहकर मैदान पर खेलना सिखाया है और यही इस टीम की सबसे बड़ी ताकत है। अगर टीम के अहम खिलाड़ी की बात की जाए तो वो जिल्फि सिगर्डसन हैं। घुटने की चोट ने हालांकि उन्हें परेशान कर रखा है और इसी कारण हो सकता है कि वह पूरी देर मैदान पर नहीं दिखें।
मेसी पर होगी सब की निगाहें
वहीं अर्जेंटीना की बात की जाए तो दारोमदार मेसी पर ही है, लेकिन ऐसा नहीं है कि मेसी के दम पर ही यह टीम है। मेसी के अलावा एंजेल डी मरिया, सर्जियो एग्युरो, गोंजालो हिग्युएन भी इस टीम के अहम सदस्य हैं। टीम के कोच साम्पोली किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरेंगे यह मैच के दिन पता चलेगा लेकिन अर्जेटीना की आक्रमण पंक्ति मेसी के जिम्मे ही है और खुलकर खेलने में विश्वास रखते हैं और कप्तान होते उन्हें ऐसा करने की आजादी भी है।