
Cristiano Ronaldo, FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल की शुरुआत निराशाजनक रही। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस मैच में टीम के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रदर्शन बेहद बेहद साधारण रहा। रोनाल्डो को गोल दागने के कई मौके मिले, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं पाये।
पुर्तगाल का इकलौता गोल युवा मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने किया। लेकिन मैच के बाद रोनाल्डो के फैंस ने नेवेस पर निशाना साधा और उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करने लगे। फैंस का कहना था कि मिडफील्डर के तौर पर नेवेस ने अपना काम अच्छे से नहीं किया और रोनाल्डो को ज्यादा मौके नहीं दिये। मामला तब और गरमा गया जब मैच के बाद नेवेस ने रोनाल्डो को लेकर एक बयान दिया।
उन्होंने कहा कि रोनाल्डो का करियर में पुर्तगाल और विश्व फुटबॉल के लिए बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन अब टीम में हर खिलाड़ी बराबर है। सबको एक साथ मिलकर खेलना है और हर किसी की जिम्मेदारी समान है। हालांकि इस बयान का मकसद पुर्तगाली टीम की एकजुटता पर ज़ोर देना था, लेकिन कई प्रशंसकों को लगा कि नेवेस ने रोनाल्डो का अपमान किया है। देखते ही देखते युवा खिलाड़ी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आलोचनात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।
रोनाल्डो के फैंस यहीं नहीं रुके। कई यूज़र्स ने नेवेस की गर्लफ्रेंड एक्ट्रेस मैडालेना अरागाओ को भी निशाने पर ले लिया और उनके इंस्टाग्राम पोस्ट पर नफरत भरे कमेंट्स करने लगे। कई लोगों ने उनसे कहा कि वे नेवेस से कहें कि वे रोनाल्डो को ज़्यादा पास दें और नेशनल टीम के कप्तान के प्रति ज़्यादा सम्मान दिखाएं।
कुछ फैंस ने रोनाल्डो फैंस की इस हरकत की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, "उस लड़की को क्यों टारगेट कर रहे हो, उसकी क्या गलती है?" एक अनौआ यूजर ने लिखा, "अगर तुम किसी लड़की के पोस्ट पर इसलिए कमेंट कर रहे हो कि थ्रू बॉल रोनाल्डो को नहीं मिली तो जिंदगी में तुम फेल हो चुके हो।” एक फैन ने पूछा, "क्या हर रोनाल्डो फैन मानसिक रूप से अस्थिर है?"
डीआर कांगो के खिलाफ मैच के शुरू में तो पुर्तगाल को बढ़त भी मिल गई थी, लेकिन आखिर तक रोनाल्डो और टीम कुछ खास नहीं कर पाए। जोआओ नेवेस ने सिर्फ 6 मिनट में गोल करके पुर्तगाल को 1-0 की लीड दिला दी थी। फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में योआन वीसा ने डीआर कांगो की ओर से पहला गोल करते हुए स्कोर को पहले हाफ के अंत में बराबर कर दिया।
इसके बाद डीआर कांगो के डिफेंस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। रोनाल्डो टीम के मुख्य स्ट्राइकर थे, लेकिन पूरे मैच में उनका प्रदर्शन काफी फीका रहा। पुर्तगाल ने इस मैच में 75 प्रतिशत से ज्यादा समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन टीम मुकाबले में दूसरा गोल करने में नाकाम रही।