इस साल की शुरुआत में फेसबुक डाटा लीक पर दुनिया भर में काफी विवाद हुआ था।इसी को देखते हुए एप्पल ने इसका हल निकाला है।
नई दिल्ली: कुछ दिनों से दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक द्वारा किए गए यूज़र डाटा को लीक करने की ख़बरें सामने आ रही हैं। फेसबुक ने पांच करोड़ यूज़रोें की जानकारियां बिना उनके अनुमति के कैंब्रिज एनालिटिका नामक कंपनी को दुरुपयोग करने के लिए दिया। वहीं फेसबुक की इस ख़बर ने इस साल काफी सुर्खियां भी बटोरी। इसी को देखते हुए एप्पल ने इसका हल निकाला है।
एप्पल के सलाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस (WWDC) में कंपनी के प्रेसिडेंट क्रैग फेडरिगी ने कहा कि सोशल साइट की ओर से हो रहा डेटा कलेक्शन एक गंभीर मामला है। इसे रोकने के लिए उन्हेंने अपने डिफॉल्ट ब्राउजर सफारी में कई बदलाव किए हैं। साथ ही उन्हेंने कहा कि सफारी को पहले से काफी ज्यादा सिक्योर और प्राइवेट किया गया है।
कॉन्फेंस के दैरान सफारी का डेमो देते हुए क्रेग ने बताया कि ब्राउजिंग करते समय एक पॉप-अप विंडो खुलेगा जो फेसबुक समेत सोशल नेटवर्किंग साइट्स से डेटा शेयर करने से पहले उनसे परमिशन मांगेगा। आगे उन्होंने कहा कि सोशल साइट पर शेयर बटन होता है जो वेब कंटेंट को शेयर करता है बस इसी दैरान यूज़र्स का डेटा भी शेयर हो जाता है। अब यह यूज़र्स पर निर्भर होगा कि वे सोशल मीडिया साइट के साथ किस तरह का डेटा शेयर करना चाहते हैं। क्रैग ने बताया कि जब हम किसी साइट पर विजिट करते हैं तो एडवर्टाइजर्स हमें ट्रैक करने के लिए एक फिंगरप्रिंट क्रिएट करता है जिसकी मदद से वे हमें ऐड दिखते हैं। अब सफारी में किए गए बदलाव से यह ऐसा करने से हमें रोकेगा।
एप्पल ने इससे पहले भी वेब ट्रैकिंग पर लगाम लगाने के लिए सफारी की मदद ली है। पिछले साल डेवलपर कॉन्फ्रेंस में कंपनी ने थर्ड पार्टी ट्रैकिंग कूकीज पर लगाम लगाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैकिंग फीचर पेश किया था। इसे आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने इस साल सफारी में कई फीचर्स ऐड किए हैं, जिससे इसे और स्ट्रॉन्ग बनाया जा सके।
यह फीचर आईफोन, आईपैड और मैक के आने वाले अगले अपडेट में उपलब्ध कर दिए जाएंगे। इस नए अपडेट के जरिए गूगल और फेसबुक जैसी साइट्स यूज़र्स के डेटा का गलत उपयोग नहीं कर सकेंगे। बता दें दुनिया भर में फेसबुक के 2.2 अरब ऐक्टिव यूजर हैं।