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पुलवामा का बदला : सर्जिकल स्ट्राइक में काम आता है ये ख़ास डिवाइस, अंधेरे में भी साफ दिखते हैं छुपे हुए दुश्मन

हम आपको कुछ ऐसे ही डिवाइस के बारे में बताने जा रहे हैं जो सर्जिकल स्ट्राइक में सेना के बहुत काम आते हैं।

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सर्जिकल स्ट्राइक में काम आता है ये ख़ास डिवाइस, अंधेरे में भी साफ दिखते हैं छुपे हुए दुश्मन

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो, भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को सुबह लगभग 3:30 बजे 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों से LOC पार करके आतंकी ठिकानों पर हमला कर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि आतंकी ठिकानों पर 1 हजार किलो बम गिराया गया है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही डिवाइस के बारे में बताने जा रहे हैं जो सर्जिकल स्ट्राइक में सेना के बहुत काम आते हैं।

Drone Camera

जब भी सेना के द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मिशन को तैयार किया जाता है, तो इसमें ड्रोन कैमरे का बहुत बड़ा रोल होता है। ड्रोन एक ऐसा डिवाइस है जिसे दूर बैठकर रिमोट या कंप्यूटर से कंट्रोल किया जा सकता है। इस डिवाइस की मदद से सेना दुश्मन के इलाके से दूर हो कर भी उन पर कड़ी नज़र बनाए रख सकती है। आपको बता दें साल 2016 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, उस दौरान भी ड्रोन कैमरे की मदद ली गई थी।

सर्जिकल स्ट्राइक जैसे किसी हमले को अंजाम देने के लिए सेना रात के समय को इसलिए चुनती है क्योंकि दुश्मन के अलावा कोई निर्दोष इसकी चपेट में न आ सकें।लेकिन रात के समय में विजिबिलिटी कम होने की वजह से सेना नाइट विजन ग्लास का इस्तेमाल करती है। यह एक ऐसा यंत्र होता है जिसके उपयोग से रात में भी बड़ी आसानी से देखा जा सकता है। इस डिवाइस में "इमेज इन्हैसमेंट" तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वस्तु से आने वाले थोड़ी बहुत प्रकाश की किरणों को, जिसे हमारी आँखे देख नही सकती है, एकत्र करके बढ़ाते हैं। जिससे हमे वस्तु दिखाई देने लगती है।

Updated on:
26 Feb 2019 03:47 pm
Published on:
26 Feb 2019 11:59 am
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