गरियाबंद

CG Accident:5 मिनट की दूरी, 20 मिनट की देरी, सडक़ हादसे ने छीन ली पिता-पुत्र की जिंदगी

CG Accident: फ्यूल कम होने पर फ्यूल भराने जिला मुख्यालय की ओर जा रहा था, सडक़ पर सामने आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चोवाराम पटेल की मौके पर ही मौत हो गई

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May 04, 2026
सडक़ हादसे ने छीन ली पिता-पुत्र की जिंदगी (Photo Patrika)

CG Accident: राजिम मार्ग पर स्थित ग्राम लोहझर के पास हुआ सडक़ हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और अधूरी व्यवस्थाओं की एक ऐसी कहानी बन गई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पत्तियां निवासी भरत पटेल अपने बुजुर्ग पिता चोवाराम पटेल का इलाज कराकर छुरा से घर लौट रहे थे। दोनों रास्ते में ग्राम लोहझर स्थित रिश्तेदार के घर के पास कुछ देर पानी पीने रुके थे। उस समय सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही वे अपनी बाइक पर सवार होकर आगे बढ़े, कुछ ही क्षणों बाद सामने से आ रहे पीएचई विभाग के ट्रक से उनकी सीधी टक्कर हो गई।

यह हादसा उस वक्त हुआ जब भरत और चोवाराम पटेल पानी पीने के बाद सडक़ पर अपनी यात्रा फिर से शुरू कर रहे थे। ट्रक जो विकासखंड के ग्राम खैरझीटी में खुदाई कार्य के दौरान फ्यूल कम होने पर फ्यूल भराने जिला मुख्यालय की ओर जा रहा था, सडक़ पर सामने आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चोवाराम पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा भरत गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रशासन की लापरवाही ने बढ़ाई समस्या

इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि भरत की जिंदगी को बचाने में मदद करने के लिए अस्पताल महज 5 मिनट की दूरी पर था, लेकिन एंबुलेंस और पुलिस को पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लग गया, जिसके चलते वह भी चल बसा। यह देरी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, क्या समय पर इलाज मिलने से भरत की जान बचाई जा सकती थी? यह हादसा छुरा-राजिम मार्ग की बदहाली की भी पोल खोलता है, जहां सिंगल लाइन और संकरी सडक़ के कारण भारी वाहनों के लिए रास्ता बनाने में समस्या होती है।

चौड़ीकरण की घोषणा व अधूरी योजना का खामियाजा

करीब एक साल पहले इस मार्ग के चौड़ीकरण और नव निर्माण की घोषणा की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों को राहत की उम्मीद थी। लेकिन अब तक यह कार्य शुरू नहीं हो सका और इस अधूरी घोषणा का खामियाजा कई परिवारों को भुगतना पड़ा है। हादसे में शामिल वाहन पीएचई विभाग का था, जो सरकारी वाहन होने के बावजूद नियमों की अनदेखी कर रहा था। यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी वाहन भी बिना किसी नियंत्रण के चल रहे हैं? क्या उनके संचालन और गति पर कोई नियंत्रण नहीं है? जब जिम्मेदारी निभाने वाले ही लापरवाही का कारण बन जाएं, तो आम लोगों की सुरक्षा किसके भरोसे रहती है?

अधिकारी का बयान

पीएचई विभाग के जिला अधिकारी ने बताया कि गाड़ी विभाग के मैकेनिकल शाखा की थी और ट्रक विकासखंड के ग्राम खैरझीटी में चल रहे कार्य के दौरान फ्यूल भराने जिला मुख्यालय की ओर आ रहा था। हादसे के बाद पिता-पुत्र के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।

Updated on:
04 May 2026 12:03 pm
Published on:
04 May 2026 12:02 pm
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