2 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इसके बाद भी अगर सरकार मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन का तीसरा चरण अनिश्चितकालीन धरने के रूप में होगा।
CG Strike: छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन 22 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल करने जा रहा है। इसे सफल बनाने विश्रामगृह में तैयारी बैठक रखी गई थी। इसमें फेडरेशन के प्रांतीय पर्यवेक्षक, जिला पदाधिकारी समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित प्रांतीय पर्यवेक्षक पंकज पांडेय ने बताया कि फेडरेशन ने 16 जुलाई को 11 सूत्री मांगों पर सीएम और सीएस के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। उसी के तहत अब आंदोलन के दूसरे चरण में 22 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इसके बाद भी अगर सरकार मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन का तीसरा चरण अनिश्चितकालीन धरने के रूप में होगा। पांडेय ने कहा कि कई बार संवैधानिक तरीके से विरोध जताने के बावजूद सरकार ने कर्मचारी-अधिकारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया।
अब फेडरेशन पूरी ताकत और एकजुटता से हड़ताल के लिए तैयार है। जिला संयोजक एमआर खान ने सभी संगठनों से अपील की है कि 22 अगस्त को एक दिन की छुट्टी लेकर हड़ताल में शामिल हों। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार ने इस बार भी मांगों को नजरअंदाज किया, तो प्रदेशभर के कर्मचारी-अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। बैठक में सभी संगठनों ने एकमत होकर कहा कि 22 अगस्त को फेडरेशन की हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। सभी कर्मचारी संगठनों ने संघर्ष में साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। फेडरेशन के मुताबिक, इस बार वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। यह हड़ताल राज्य के 10 लाख से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों की आवाज बनेगी।
बैठक में ये रहे मौजूद… गरियाबंद की बैठक में सह प्रभारी मनीष ठाकुर, सत्येंद्र देवांगन, महासचिव बसंत त्रिवेदी, लिपिक संघ जिलाध्यक्ष बसंत मिश्रा , मनोज खरे, सुदामा ठाकुर, डॉ. रामनारायण शर्मा, भागचंद चतुर्वेदी, पिंटू साहू, डीके पडौती, अनूप प्रेमलाल ध्रुव, लघु वेतन संघ से बसंत वर्मा, वन कर्मचारी संघ से डोमार कश्यप, गुलशन यदु, लोकेश्वर सोनवानी, रोशन साहू, सुनील यादव, पुरंदर वर्मा, इदरीस खान, भगवान चंद्राकर आदि।