गरियाबंद

CG Strike: 22 अगस्त को हड़ताल पर कर्मचारी, इन 11 मुद्दों पर सरकार से रखी मांग

2 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इसके बाद भी अगर सरकार मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन का तीसरा चरण अनिश्चितकालीन धरने के रूप में होगा।

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Aug 07, 2025
22 अगस्त को हड़ताल पर कर्मचारी (Photo Patrika)

CG Strike: छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन 22 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल करने जा रहा है। इसे सफल बनाने विश्रामगृह में तैयारी बैठक रखी गई थी। इसमें फेडरेशन के प्रांतीय पर्यवेक्षक, जिला पदाधिकारी समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में उपस्थित प्रांतीय पर्यवेक्षक पंकज पांडेय ने बताया कि फेडरेशन ने 16 जुलाई को 11 सूत्री मांगों पर सीएम और सीएस के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। उसी के तहत अब आंदोलन के दूसरे चरण में 22 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। इसके बाद भी अगर सरकार मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन का तीसरा चरण अनिश्चितकालीन धरने के रूप में होगा। पांडेय ने कहा कि कई बार संवैधानिक तरीके से विरोध जताने के बावजूद सरकार ने कर्मचारी-अधिकारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया।

अब फेडरेशन पूरी ताकत और एकजुटता से हड़ताल के लिए तैयार है। जिला संयोजक एमआर खान ने सभी संगठनों से अपील की है कि 22 अगस्त को एक दिन की छुट्टी लेकर हड़ताल में शामिल हों। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार ने इस बार भी मांगों को नजरअंदाज किया, तो प्रदेशभर के कर्मचारी-अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। बैठक में सभी संगठनों ने एकमत होकर कहा कि 22 अगस्त को फेडरेशन की हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। सभी कर्मचारी संगठनों ने संघर्ष में साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। फेडरेशन के मुताबिक, इस बार वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। यह हड़ताल राज्य के 10 लाख से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों की आवाज बनेगी।

बैठक में ये रहे मौजूद… गरियाबंद की बैठक में सह प्रभारी मनीष ठाकुर, सत्येंद्र देवांगन, महासचिव बसंत त्रिवेदी, लिपिक संघ जिलाध्यक्ष बसंत मिश्रा , मनोज खरे, सुदामा ठाकुर, डॉ. रामनारायण शर्मा, भागचंद चतुर्वेदी, पिंटू साहू, डीके पडौती, अनूप प्रेमलाल ध्रुव, लघु वेतन संघ से बसंत वर्मा, वन कर्मचारी संघ से डोमार कश्यप, गुलशन यदु, लोकेश्वर सोनवानी, रोशन साहू, सुनील यादव, पुरंदर वर्मा, इदरीस खान, भगवान चंद्राकर आदि।

  1. केंद्र के समान 2त्न महंगाई भत्ता तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
  2. जुलाई 2019 से अब तक के महंगाई भत्ता का जीपीएफ में समायोजन।
  3. राज्य के कर्मचारियों की वेतन विसंगति को अवलिंब दूर किया जाए।
  4. चार स्तरीय वेतनमान की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाए।
  5. सहायक शिक्षक, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी को तृतीय समय वेतनमान।
  6. सभी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए।
  7. मध्यप्रदेश की तरह 300 दिन का अर्जित अवकाश नकदीकरण लागू हो।
  8. कार्यभारित, संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  9. कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ दिलाया जाए।
  10. पेंशनरों को भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिया जाए।
  11. पदोन्नति और समयमान वेतनमान की लंबित समस्याएं जल्द सुलझाई जाएं।
Updated on:
07 Aug 2025 11:32 am
Published on:
07 Aug 2025 11:31 am
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