
हड़ताल का असर! नामांतरण और सीमांकन के हजारों (photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल सप्ताह भर से चल रही है। इसकी वजह से जिले में सैकड़ों राजस्व मामले पेंडिंग हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पेंडिंग मामलों की संया 2 हजार के करीब पहुंच गई है और बढ़ते क्रम में है। नामांतरण, सीमांकन जैसे कामों के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
पक्षकारों के बैठने के लिए बनाई गई कुर्सियों पर गांव से आए लोग इस उमीद में बैठ रहे कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल खत्म करके काम पर लौटेंगे। राजस्व संबंधी काम लेकर आने वालों को कार्यालय के बाबू बताते हैं कि अधिकारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद ही उनके आवेदन पर आगे कार्रवाई होगी। नामांतरण, बटांकन सहित अन्य राजस्व मामलों का पूरा कामकाज ठप हो गया है।
गौरतलब है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल 21 जुलाई से चल रही है। तहसील कार्यालयों में तहसीलदार पीठासीन अधिकारी नहीं होने के कारण उनके हस्ताक्षर के बिना किसी भी राजस्व मामले या आवेदन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण भूमि संबंधी सभी कार्य, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, फौती नामांतरण, खाता विभाजन और सीमांकन आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही विभिन्न प्रमाण पत्रों की आवश्यकता बढ़ गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
Published on:
06 Aug 2025 05:07 pm
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