Ayushman Vaya Vandana Yojana: विशेष अभियान चलाकर वय वंदना स्वास्थ्य कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। ये कार्ड धारकों को सर्वसामान्य आयुष्मान कार्ड के अतिरिक्त 5 लाख रुपए तक इलाज की अतिरिक्त सुविधा देता है।
Ayushman Vaya Vandana Yojana: गरियाबंद जिले में 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों का 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आयुष्मान वय वंदना योजना चलाई जा रही है। जिले के सभी पात्र बुजुर्गों को इसका लाभ मिले, इसके लिए कलेक्टर बीएस उइके ने मंगलवार को समयसीमा की बैठक में अफसरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक के दौरान स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस गरिमामय तरीके से मनाया जाए। इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आमंत्रण कार्ड, मैदान की तैयारी, बैरिकेडिंग, रिहर्सल, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई जैसी तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारीगण ने अपनी-अपनी जिमेदारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उइके ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने गरियाबंद जिले को रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में चुना है। इसके लिए केंद्र की टीम आने वाली है। क्रेडा के उप अभियंता को नोडल अधिकारी बनाया गया है, उन्हें पहले से जगह चिन्हित करने और टीम की साइट विजिट कराए जाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्च न्यायालय, मंत्रीमंडल सहित सभी उच्च कार्यालयों से मिलने वाले आदेशों और जनदर्शन/ जनशिकायत/ पीजी पोर्टल/सीपी ग्राम के मामलों का समय पर निराकरण अनिवार्य है। बैठक में वय वंदना योजना की भी समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने कहा कि बुजुर्गों के लिए विशेष अभियान चलाकर वय वंदना स्वास्थ्य कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। ये कार्ड धारकों को सर्वसामान्य आयुष्मान कार्ड के अतिरिक्त 5 लाख रुपए तक इलाज की अतिरिक्त सुविधा देता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन बुजुर्गों ने अब तक यह कार्ड नहीं बनवाया, उनके हस्ताक्षर लेने के लिए विशेष अभियान चलाएं। इस दौरान अपर कलेक्टर प्रकाश राजपूत, नवीन भगत, पंकज डाहिरे, सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और अन्य जिला अधिकारी मौजूद रहे।
गरियाबंद जिले में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर बीएस उइके ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में कुल 79 आवेदन मिले। कलेक्टर ने हर आवेदन पर संबंधित अफसरों को त्वरित और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बोदल बाहरा गांव के चैतराम नेताम ने अंतिम जांच प्रतिवेदन दिलाने की मांग की।
मोहतरा के किशोर ध्रुव ने ऋण पुस्तिका बनाने का आवेदन दिया। चरभाठी के महेश साहू ने भूमि पट्टा मांगा। गंगाबाई (ग्राम कौंदकेरा) ने राशि भुगतान की मांग की। गरियाबंद की अनीता यादव ने न्याय की गुहार लगाई, वहीं हेमंत रामटेके ने गंदे पानी की निकासी की शिकायत की। देहारगुड़ा के सेलेश्वर कुमार ने नौकरी से निकाले जाने की शिकायत की। बासीन की मनीषा पुर्रे ने नामांतरण, धवलपुरडीह के सागर गिरी ने पट्टा, खलियापारा के बृजलाल ने सौर ऊर्जा बोरवेल और पतोरा की निर्मला मारकंडे ने भूमि अधिकार की मांग रखी।