CG News: मंदिर परिसर में दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, चश्मे, बेल्ट और अन्य पूजा सामग्री की बिक्री हो रही थी। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते इन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
CG News: प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल घटारानी धाम में देर रात भीषण आगजनी की घटना सामने आई है। इस घटना में मंदिर परिसर के भीतर संचालित 10 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस हादसे में करीब 8 से 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है। घटना के बारे में जानकारी मिली है कि मंदिर परिसर में दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, चश्मे, बेल्ट और अन्य पूजा सामग्री की बिक्री हो रही थी। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते इन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकानों में रखा सभी सामान जलकर राख हो गया।
बताया जा रहा है कि नवरात्रि के पर्व को लेकर दुकानदारों ने नई सामग्री का स्टॉक किया था और इस समय बड़े पैमाने पर श्रद्धालु यहां आते हैं, जिससे इन दुकानों की बिक्री में वृद्धि होती थी। लेकिन इस हादसे ने दुकानदारों की नवरात्रि की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस थाना फिंगेश्वर को सूचित किया गया। पुलिस ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
आगजनी में जिन दुकानदारों को नुकसान हुआ है, उनमें नीलांबर देवांगन (चरौदा), खेमन ध्रुव (फुलझर), मनोज यादव (फुलझर), भीखम (जमाही) और अन्य हैं। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि आसपास के जंगलों में अक्सर आग की घटनाएं होती रहती हैं। अगर समय रहते सूचना दी जाती तो शायद आग पर काबू पाया जा सकता था। इस बीच, वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार की भी शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि महुआ बिनने के दौरान लगाई जाने वाली आग धीरे-धीरे जंगलों तक पहुंच सकती है और यही आग घटारानी तक आकर दुकानें जला सकती है, इसकी जांच की जानी चाहिए।
प्रभावित दुकानदारों ने शासन और प्रशासन से यह मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और अगर आगजनी किसी की लापरवाही या दुर्भावना के कारण हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, दुकानदारों ने मुआवजे की भी मांग की है ताकि वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।