
आकाश कश्यप हत्याकांड के आरोपी (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Akash Kashyap Murder Case: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में हुए चर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कई दिनों तक चली जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वहीं वारदात में शामिल एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद आरोपियों ने युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर उसकी जान ले ली।
मामला 3 जुलाई 2026 का है, जब आकाश कश्यप (Akash Kashyap Murder) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलने पर मैनपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। शुरुआती स्तर पर पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही थी। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों ने स्पष्ट कर दिया कि युवक की मौत सामान्य नहीं, बल्कि गंभीर मारपीट के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया और घटना से जुड़े लोगों से गहन पूछताछ शुरू की।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने संदिग्ध युवकों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से आकाश कश्यप के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
पुलिस ने इस मामले में देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में शामिल एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उसे संरक्षण में लिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर आकाश कश्यप को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
हालांकि पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण हो सकते हैं। इसी वजह से जांच अभी भी जारी है और हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
आकाश कश्यप की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। परिवार का आरोप था कि घटना के बाद वे लगातार मैनपुर थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर समय रहते एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मृतक की बहन ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि थाना स्तर पर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण न्याय मिलने में देरी हुई।
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच की गति तेज की और वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
फिलहाल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच पूरी होने के बाद यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो उसी के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
9 Jul 2026, 4:03 PM IST
Published on:
9 Jul 2026, 3:04 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.