एक वृद्ध महिला ने उठाया ये खौफनाक कदम जिससे जानकर हैरान रह गए लोग
नवापारा-राजिम. छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे जिंदगी से आजीज आकर 80 वर्षीया एक वृद्ध महिला शाम त्रिवेणी संगम में आत्महत्या करने की नीयत से कूद गई। उसकी किस्मत अच्छी रही कि लोगों ने उसे डूबते देख लिया और किसी तरह उसे बचाने में कामयाब हो गए। इसके बाद उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाने में वृद्धा लक्ष्मी बाई पति रामेश्वर वर्मा (80) ने बताया कि वह मांढर सिलयारी (धरसींवा) की रहने वाली है। उसकी 4 बेटियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। पति के अलावा एक बेटी और दामाद उसके पास ही रहते हैं। घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं है और न ही किसी से कोई गिला-शिकवा है। इतनी अधिक उम्र हो जाने के बाद उसके जीने की इच्छा खत्म हो गई थी।
उसने सोचा कि मरने के बाद अस्थियां राजिम त्रिवेणी संगम में बहा दी जाती हैं, तो क्यों न वहीं जाकर अपने प्राणों को न्यौछावर कर दूं, इसीलिए सुबह अपने घर से निकली और भगवान राजीवलोचन के दर्शन कर पुल पार करते हुए नवापारा छोर आ पहुंची। घटोरिया मंदिर के पास एनीकट के पास बहाव में भगवान का नाम लेकर छलांग मार दी।
पानी के तेज बहाव में बहते-बहते वह पुल के पिल्लर के पास जाकर अटक गई। इतने में कुछ लोग नदी में कूदे और उसे बचाकर बाहर निकाल लाये। प्रधान आरक्षक अवध बिहारी सिंह ने बताया कि वृद्धा को बचाकर लोग थाने को फोन किया, जिसके बाद पेट्रोलिंग गाड़ी महिला को थाने ले आई।
अभनपुर सरकारी अस्पताल से मुलाहिजा उपरांत वृद्धा को वापिस थाने लाए, जहां वृद्धा का दामाद राधेश्याम वर्मा आया और थाने की औपचारिकता पूरी करते हुए सकुशल अपने साथ ले गया। वृद्धा लक्ष्मी बाई का कहना है कि मरने की इच्छा लेकर गहरे पानी में कूदने के बाद भी वह बच गई, इसका मतलब भगवान की मर्जी कुछ और ही है। इसीलिए अब वह भविष्य में कोई आत्मघाती कदम नहीं उठाएगी।