बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर किसान है आंदोलनरत
गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके के गांव मंडोला में किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले काफी समय से धरने पर बैठे हुए हैं। इतना ही नहीं किसान अब अर्धग्न अवस्था में भी प्रदर्शन कर रहे है। हालही में एक किसान की मौत हो गई थी, जबकि एक किसान की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सोमवार की देर शाम भी किसानों के साथ धरने पर बैठी एक महिला किसान की भी अचानक तबीयत खराब हो गई। आनन-फानन में महिला को उपचार के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों का आरोप है कि पिछले काफी समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं। उसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी किसानों की समस्या को हल निकालने के लिए तैयार नहीं है।
बता दें कि गाजियाबाद के लोनी इलाके के गांव मंडोला में अपने मुआवजे की मांग को लेकर पिछले काफी समय से किसान आंदोलनरत है। महिलाएं भी धरने में शामिल है। सोमवार की शाम को धरने पर बैठी 55 वर्षीय बृजेश पत्नी हरपाल निवासी पंचलोक की तबीयत बिगड़ गई। आनन—फानन में लोगों ने लोनी के एक अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन चिकित्सकों ने वहां परीक्षण के बाद बताया कि महिला को हार्ट अटैक आया है। देर रात चिकित्सकों ने लोनी के अस्पताल से महिला को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में रेफर कर दिया है। जहां अभी भी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
किसानों का आरोप है कि तमाम पार्टियों के नेताओं ने उनके बीच पहुंचकर अपनी उपस्थिति तो दर्ज कराई। लेकिन किसानों की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। किसानों में सरकार के प्रति भी रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि पुश्तैनी जमीन को सरकार ने कौड़ियों के दाम लेकर उन्हें भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ी भुखमरी की कगार पर आ जाएगी। क्योंकि उनकी सारी जमीन किसानों ने लेकर उस पर आवासीय योजना के तहत आवासीय भवन बनाने शुरू कर दिए है।