Highlights - साहिबाबाद विधानसभा से भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने दी तीखी प्रतिक्रिया - कहा- देश को बदनाम करने वालों को आतंकी घोषित कर इनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाए - मुस्लिमों की गलत पैरोंकारी करने वाले फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर भी बोला हमला
गाजियाबाद. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देख्रते हुए लागू हुए लॉकडाउन का जनता पूरी तरह से पालन कर रही है। वहीं, देशभर में लाखों लोगों को एहतियात के तौर पर आइसोलेशन और क्वारंटाइन वार्ड में रखाा गया है। इसी कड़ी में गाजियाबाद के जिला अस्पताल और सुंदरदीप आयुर्वेदिक कॉलेज में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से आए जमातियों को रखा गया है, लेकिन ये लोग कोरोना वॉरियर्स यानी यहां के महिला स्टाफ से अभद्रता करने पर उतर आए हैं। महिला स्टाफ से अभद्रता के मामले में एमएमजी अस्पातल में भर्ती 6 जमातियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद सुंदरदीप आयुर्वेदिक कॉलेज में भी इस तरह का मामला सामने आया है। इस मामले में भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने 'पत्रिका' से खास बातचीत करते हुए कहा कि सीएम योगी ने इनके ऊपर रासुका लगाया है, लेकिन यह भी काफी नहीं है। देश को बदनाम करने वालों को आतंकी घोषित कर इनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा से भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने अस्पताल की महिला स्टाफ से अभद्रता को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इन पर एनएसए लगाया है, लेकिन ऐसे लोगों के लिए यह काफी नहीं है। इनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देवबंद और बरेली के मौलवी भी इन लोगों को काफिर घोषित करें, क्योंकि यह लोग धर्म के नाम पर इस्लाम को बदनाम करने में जुटे हुए हैं और अपने मौलवियों के कहने के बाद भी नहीं मान रहे हैं।
विधायक सुनील शर्मा ने इस दौरान बात-बात पर मुस्लिमों की गलत पैरोंकारी करने वाले फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब वे लोग कहां हैं, जब डॉक्टरों के साथ में इस तरह की बदसलूकी और अश्लील हरकत की जा रही है। वह लोग क्यों चुप हैं ? वह लोग इस बारे में आगे आए और इन्हें समझाएं। इतना ही नहीं विधायक सुनील शर्मा ने कहा है कि अगर यह लोग नहीं मानते तो इन्हें आतंकवादी घोषित किया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आगे से कोई देश को बदनाम न कर सके।
विधायक सुनील शर्मा ने कहा कि सरकार के लॉकडाउन के फैसले और तमाम इंतजाम के बाद सब कुछ ठीक होता नजर आ रहा था, लेकिन तबलीगी जमात के लोगों ने एक बार फिर कोरोना वायरस का खतरा बढ़ा दिया है। इसलिए इन लोगों के खिलाफ सख्त और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।