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26 सालों तक छिपा रहा, EX मुस्लिम सलीम वास्तिक को एक गलती ने पकड़वाया, शामली के खूंखार की इनसाइड स्टोरी

EX Muslim Salim Vastik Inside Story: EX मुस्लिम सलीम वास्तिक को उसकी एक गलती ने पकड़वाया। समय के साथ सलीम वास्तिक ने धर्म परिवर्तन कर लिया था और एक्स मुस्लिम के नाम से अपनी नई पहचान बनाई।

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EX मुस्लिम सलीम वास्तिक को उसकी एक गलती ने पकड़वाया। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

EX Muslim Salim Vastik Inside Story: दिल्ली के कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका आरोपी सलीम वास्तिक 26 साल तक कानून की आंखों में धूल झोंकता रहा, लेकिन एक छोटी सी चूक ने उसे फिर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। गाजियाबाद में छिपे आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।

जमानत पर छूटकर हुआ फरार

सलीम वास्तिक को अपहरण और हत्या के मामले में अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी थी। वर्ष 2000 में जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और फिर कभी वापस अदालत में पेश नहीं हुआ। फरारी के दौरान वह मुजफ्फरनगर, मेरठ और बाद में गाजियाबाद में छिपकर रहता रहा।

खुद को मरा हुआ दिखाकर रची बड़ी साजिश

पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने अपने भाई के जरिए गांव में यह अफवाह फैला दी कि हार्ट अटैक से उसकी मौत हो चुकी है। जब भी दिल्ली पुलिस उसके पुश्तैनी गांव नानूपुरा पहुंचती, गांव वालों से यही जवाब मिलता कि सलीम मर चुका है, क्योंकि वह गांव नहीं आता-जाता था, इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ और यह झूठ सालों तक चलता रहा।

पैतृक मकान बेचने पहुंचा तो खुल गया राज

मामले में मोड़ दिसंबर 2025 में आया, जब सलीम अपने गांव नानूपुरा पैतृक मकान बेचने पहुंचा। गांव वालों ने उसे पहचान लिया और उसके जिंदा होने की खबर फैल गई। मकान बेचने के बाद वह वापस गाजियाबाद लौट गया, लेकिन इसी दौरान दिल्ली पुलिस की एक टीम गांव पहुंची और एक बुजुर्ग ने सलीम के जीवित होने की जानकारी दे दी। यहीं से पुलिस को बड़ा सुराग मिल गया।

क्राइम ब्रांच ने रखी निगरानी, ठीक होते ही गिरफ्तारी

जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने सलीम पर गुप्त निगरानी शुरू कर दी। इसी बीच फरवरी 2026 में उस पर दो लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसके बाद करीब दो महीने तक उसका इलाज चला। पुलिस उसके स्वस्थ होने का इंतजार करती रही। जैसे ही वह अस्पताल से घर लौटा, पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

शामली से दिल्ली तक, मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर भी रहा

बताया जा रहा है कि सलीम का जन्म 1972 में शामली में हुआ था। वहां उसने कुंग फू और मार्शल आर्ट्स सीखा। रोजगार की तलाश में वह परिवार के साथ दिल्ली आ गया और 1994 में दरियागंज के रामजस स्कूल में मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम करने लगा।

दोहरी पहचान ने उलझाए रखीं जांच एजेंसियां

सूत्रों के मुताबिक, सलीम की पहचान सिर्फ एक अपराधी के तौर पर नहीं थी। वह सार्वजनिक मंचों पर आतंकवाद विरोधी बयानों को लेकर भी चर्चा में रहता था। उसकी यही दोहरी छवि जांच एजेंसियों के लिए लंबे समय तक उलझन बनी रही। हालांकि पुलिस की गहन जांच के बाद उसके खिलाफ आरोप साबित हुए और उसकी असलियत सामने आई।

छोटी गलती बनी गिरफ्तारी की वजह

करीब ढाई दशक तक फरार रहने के बाद पैतृक मकान बेचने के लिए गांव लौटना सलीम की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। यही कदम उसकी गिरफ्तारी का कारण बना और वर्षों से फरार चल रहा दोषी फिर कानून के शिकंजे में आ गया। समय के साथ सलीम वास्तिक ने धर्म परिवर्तन कर लिया था और एक्स मुस्लिम के नाम से अपनी नई पहचान बनाई। इसके बाद वह यूट्यूब पर सक्रिय हो गया और ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से चैनल चलाने लगा, जहां वह इस्लाम धर्म और मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाता था। उसके वीडियो विवादित माने जाते थे और इसी वजह से वह लगातार चर्चा में बना रहता था।

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