सेना के समान को बचाने में गई थी 66 दमकल के जवानों की जान, ग़ज़ियाबाद में सालभर में जलकर राख हुई अरबों की प्रॉपर्टी
गाजियाबाद। देशभर में दमकल विभाग आग से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अग्निशमन वीक चला रहा है। लेकिन क्या आपकों पता है कि सालों से मनाए जा रहे इस अग्निशमन वीक की शुरूआत माया नगरी मुंबई से हुई थी। दमकल विभाग ने अपने 66 जवानों को खोया था। उनकी याद करते हुए दमकल विभाग की तरफ से शहादत मनाई जाती है। इसलिए दमकल टीम अग्निशमन सप्ताह मनाकर लोगों को आग से बचाव के लिए जागरूक करती है।
पानी में समां गया था विस्फोटक सामग्री से भरा जहाज
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल 1944 का एक धधकता शुक्रवार था, जब विक्टोरिया डाक बंबई में सेना की विस्फोट सामग्री से भरा पानी का जहाज लपटों के आगोश में समा गया। आग पर काबू पाने के लिए बंबई फायर सर्विस के एक सैकड़ा अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर भेजे गए। अटूट साहस और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए इन जांबाज अग्निशमन कर्मचारियों ने धधकती ज्वाला पर काबू करने का भरसक प्रयत्न किया। आग पर नियंत्रण तो पा लिया गया, लेकिन इस कोशिश में 66 फायरमैन को अपनी जान की आहूति देनी पड़ी।
हफ्तेभर तक किए जाने थे आयोजन
सीएफओ के मुताबिक दमकल विभाग की तरफ से पूरे एक हफ्ते तक अग्निशमन वीत मनाया जाता है। सप्ताह के दौरान फायर ब्रिगेड द्वारा विभिन्न कारखानों, शैक्षणिक संस्थाओं, ऑइल डिपो आदि जगहों पर अग्नि से बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है। आम नागरिक और स्कूली छात्रों को सिलेंडर में आग लगने पर उसे बुझाने के तरीकों के बारे में समझाया जाता है।
सालभर में अरबों रूपये का माल हुआ खाक
गाजियाबाद जनपद में दमकल विभाग को एक साल में करीब 907 कॉल आए। क्विक एक्शन में दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर पौनी तीन अरब की सम्पत्ति को खाक होने से बचाया गया। इसके अलावा 54 लोगों की जिंदगी को मौत के मुंह से निकाला गया। जनपद में करीब 960 घटनाएं आग की सामने आई।