Delhi Meerut Rapid Rail RRTS आज सोमवार का दिन दिल्ली मेरठ रैपिड प्रोजेक्ट आरआरटीएस के इतिहास में लिखा जाएगा। आज दिल्ली मेरठ रैपिड ट्रेन का पहला ट्रेनसेट दुहाई डिपो पहुंच गया है। आरआरटीएस के छह डिब्बों का यह ट्रेनसेट छह ट्रेलर में लदकर आज दुहाई डिपो पहुंचा। जहां पर इसको बड़ी सावधानी के साथ हैवी क्रेन के माध्यम से उतारा गया और इनको अलग किया गया।

Delhi Meerut Rapid Rail RRTS देश के पहली रैपिड रेल आरआरटीएस का पहला ट्रेनसेट आज दुहाई डिपो पहुंच गया। यह ट्रेनसेट गुजरात के सावली में तैयार किया गया। जहां से इसको ट्रेलर की सहायता से सड़क मार्ग से होते हुए तीन राज्यों राजस्थान,हरियाणा दिल्ली और उसके बाद उप्र में पहुंचा। रैपिड ट्रेनसेट के छह डिब्बे अलग-अलग ट्रेलर पर लाए गए। आज इन ट्रेनसेट के दुहाई पहुंचने पर क्रेन के माध्यम से उतारा गया। इन सभी छह ट्रेनसेट को डिपो में असेम्बल किया जाएगा। इनके लिए दुहाई में यार्ड बनकर तैयार हो चुका है। इसी यार्ड में ट्रेन की टेस्टिंग की पूरी तैयारी है। आरआरटीएस ट्रेनों के संचालन के लिए दुहाई डिपो में प्रशासनिक भवन भी बनाया जाएगा। जहां पर पूरे रूट की मानिटरिंग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की देखरेख की जाएगी।
एनसीआरटीसी के अफसरों ने बताया कि रैपिड ट्रेन के कोच पहुंचने के बाद दुहाई डिपो पर इनकी टेस्टिंग कुछ दिनों बाद शुरू की जाएगी। इसके बाद इनका ट्रायल रन शुरू होगा। बता दें कि आने वाले 9 महीने के बाद यानी मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच पहली रैपिड ट्रेन चलाने की तैयारी पूरी की जा रही है। रैपिड रेल कारिडोर के पहले चरण में ट्रैक बिछाने के अलावा ओएचई लगाने का काम अंतिम दौर में है।
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कारिडोर पर दो तरह की रेल चलेंगी। एक रेल मोदीपुरम से बेगमपुल, परतापुर होते हुए दिल्ली के सरायकाले खां तक चलेगी, जिसका नाम है रैपिड रेल यानी आरआरटीएस। दूसरी रेल मोदीपुरम से बेगमपुल होते हुए परतापुर तक चलेगी जिसका नाम है मेरठ मेट्रो यानी एमआरटीएस है। रैपिड रेल की कुल संख्या 30 रहेगी जो हर पांच से 10 मिनट के अंतराल पर 160 किमी की गति से आती जाती रहेंगी।