
दो बेटियों मिलकर बचाई पिता की जान (photo X handle@MandeepRajBhar9)
Ghaziabad daughters donate kidney liver: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो बेटियों ने 11 महीने से दर्द सह रहे पिता अमित रंजन त्यागी को उपहार में नई जिंदगी लौटाई है। दोनों बेटियों ने अपने पिता को दर्द से बाहर निकालने के लिए वो काम किया जो कोई भी आसानी से नहीं कर सकता है। जिले के मोरटा गांव के रहने वाले अमित रंजन जिनकी पिछले कुछ महीनों से बहुत ज्यादा तबीयत खराब चल रही थी। लगातार तीन महीने से पेट दर्द हो रहा था। इसके बाद परिवार वालों ने जांच करवाई तो पता चला कि लिवर में संक्रमण है, जो अब तक किडनी तक पहुंच चुका है। हालत इतनी बिगड़ गई कि उनकी दोनों किडनियां और लिवर दोनों फेल हो गए। जिसकी वजह से रंजन का जीवन खतरे में पड़ गया। इन हालातों को देखते हुए पिता की जान बचाने के लिए एक बेटी ने अपनी किडनी दी और दूसरी ने लिवर देने का फैसला किया है।
पिता अमित रंजन त्यागी जो अपने परिवार के साथ से मोरटा गांव में रहते हैं। त्यागी खेती करने के साथ ही शेड और मैरिज होम का काम भी करते हैं। उनके परिवार में कुल पांच सदस्य हैं, जिनमें उनकी पत्नी मीनू त्यागी, बड़ी बेटी ऋषिका त्यागी जो 22 साल की है, छोटी बेटी खुशी त्यागी जिसकी उम्र 19 साल है और 8 साल का बेटा कृष्णा है।
जानकारी के मुताबिक, परिवार के इस दुख की घड़ी में बेटियों ने ही फिर से खुशहाली भरी है। ऋषिका और खुशी ने पिता के प्रति अपने प्रेम और समर्पण की मिसाल पेश की है। परिवार वालों ने बताया कि ऋषिका और त्यागी दोनों ही कॉलेज की पढ़ाई कर रही हैं। ऋषिका बीटेक कर रही है जिसकी तीन महीने पहले ही शादी तय हुई थी। वहीं, दूसरी बेटी खुशी जो बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा खुशी ने भी पिता के इलाज के लिए लिवर दान दिया है।
परिवार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर मां मीनू त्यागी ने भी अंगदान करने की इच्छा जताई थी। अंग प्रत्यारोपण के लिए सीएमओ कार्यालय से जरूरी अनुमति की प्रक्रिया पूरी की गई। जयंत त्यागी का इलाज फोर्टिस अस्पताल में चल रहा है, जहां सोमवार को उनका सफल ऑपरेशन किया गया। अब परिवार को उम्मीद है कि इलाज और अपनों के साथ से जयंत जल्द ठीक होकर वापस घर लौटेंगे।
Updated on:
18 Jun 2026 12:27 pm
Published on:
18 Jun 2026 11:18 am
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