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मालवीय नगर अग्निकांड: 2022 में लाइसेंस आवेदन खारिज, फिर भी 26 कमरों का होटल चला रहा था लवकेश बजाज

Delhi Fire Tragedy: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। होटल में लगी भीषण आग के बाद पुलिस हर एंगल से पड़ताल में जुट गई थी इसके बाद जांच में सामने आया कि होटल मालिक ने साल 2022 में होटल चलाने के लिए लाइसेंस की मांग की थी लेकिन आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई थी।

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Delhi Fire Tragedy Lavkesh Bajaj

photo IANS

Malviya Nagar Fire update: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में होटल फ्लोरिश स्टे में लगी भीषण आग में 23 लोगों की मौत हो गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस मामले की जांच में जुटी हैं। जिसके बाद जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में ये भी सामने आया कि होटल मालिक लवकेश बजाज ने साल 2022 में फ्लोरिश स्टे को होटल की तरह चलाने के लिए दिल्ली पुलिस से लाइसेंस की मांग की थी, लेकिन होटल मालिक के इस आवेदन को खारिज कर दिया गया था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, होटल लाइसेंस जारी करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज होटल मालिक के पास नहीं थे। दिल्ली पुलिस ने लाइसेंस इसलिए नहीं दिया क्योंकि लवकेश के पास एमसीडी का जरूरी हेल्थ और ट्रेड लाइसेंस नहीं था और ना ही दिल्ली फायर सर्विस का फायर एनओसी था।

मेडिकल टूरिज्म का करता था काम

जानकारी के मुताबिक, फ्लोरिश स्टे का मालिक लवकेश बजाज साल 2012 में मेडिकल टूरिज्म के कारोबार से जुड़ा हुआ था और दिल्ली के हौजरानी इलाके में ही रहता था। पुलिस ने बताया कि लवकेश के पास छतरपुर में भी एक प्रॉपर्टी थी। वहां भी दिल्ली इलाज करवाने आए मरीजों और उनके परिजनों को रहने के लिए कमरे किराए पर देता था।

कोराना काल के बाद से बढ़ाया व्यापार

साल 2020 में आए कोराना महामारी के बाद से लवकेश को लगा कि होटल के कामकाज को और आगे बढ़ाना चाहिए। इसी सोच के साथ उसने 2022 में हौज रानी में एक तीन मंजिला मकान खरीदा और उसे बड़े लेवल पर रहने के लिए बनाने की प्लानिंग की। इसके बाद उसने कमरों की संख्या बढ़ाने के लिए उस पर तीन और मंजिलों का काम शुरू कर दिया। इसके बाद अगस्त 2022 में उसने दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग में होटल लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन जरूरी मंजूरियां और दस्तावेज पूरे न होने के कारण उसका आवेदन रद्द कर दिया गया। उस समय दिल्ली पुलिस तभी अंतिम लाइसेंस जारी करती थी जब आवेदक के पास स्थानीय निकायों की अनुमति, राजस्व रिकॉर्ड और फायर एनओसी जैसी सभी मंजूरियां मौजूद हों। हालांकि 2025 में लाइसेंसिंग व्यवस्था बदल दी गई और अब दिल्ली पुलिस ऐसे लाइसेंस जारी नहीं करती।

बिना लाइसेंस के चला रहा था कारोबार

जांचकर्ताओं का कहना है कि लाइसेंस नहीं मिलने के बावजूद लवकेश ने निर्माण कार्य जारी रखा और बाद में वहां 26 कमरे किराए पर चलाने लगा, जबकि उसके पास बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत सिर्फ 6 कमरों की मंजूरी थी। पुलिस के मुताबिक, जब इमारत को बढ़ाने का काम शुरू हो चुका था, तब उसने दिल्ली पर्यटन विभाग की बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत अनुमति लेने का फैसला किया। इसके नियमों के तहत, जिस व्यक्ति के नाम पर पंजीकरण हो, उसे उसी मकान में रहना भी जरूरी होता है। पुलिस का आरोप है कि लवकेश ने दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम के सामने अपने अकाउंटेंट को मकान मालिक के रूप में पेश किया। इसके बाद डीटीटीडीसी (DTTDC) ने B&B लाइसेंस जारी कर दिया।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि उन्होंने B&B सुविधा से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठा कर लिए हैं, जिससे मामले को और मजबूत किया जा सके। आग लगने की घटना के बाद लवकेश बजाज और उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच अभी भी जारी है।