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महिला आरक्षण से परिसीमन तक, सरकार के बिल पर विपक्ष का बड़ा हमला, बताया ‘साजिश’

Delimitation Bill: सरकार के परिसीमन बिल का विपक्षी दलों ने विरोध किया है। विपक्षी सांसदों ने बिल को देश हित के खिलाफ बताते हुए इसे एक साजिश करार दिया है।
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Delimitation Controversy

परिसीमन बिल के विरोध में विपक्ष हुआ एकजुट, photo source@ ANI

Delimitation Bill 202: परिसीमन बिल पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन और महिला आरक्षण को बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कांग्रेस पर इसका विरोध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, यह देश की महिलाओं के साथ धोखा करने जैसा है। हमारे संकल्प के बारे में सभी जानते हैं। कांग्रेस को महिलाओं के प्रति अपने इस रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री के बयान पर विपक्षी दलों ने परिसीमन बिल को सरकार की साजिश करार देते हुए इसे देशहित के खिलाफ बताया है।

परिसीमन बिल से नई बहस छिड़ने की आशंका

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयानों पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “महिला आरक्षण बिल संसद से पहले ही पास हो चुका है। अब यह कानून बन चुका है। अब सरकार परिसीमन बिल ला रही है। वे परिसीमन बिल को महिला आरक्षण से जोड़कर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने महिला आरक्षण बिल पहले ही पास कर दिया है। हमें परिसीमन बिल पर कड़ी आपत्ति है, क्योंकि हमारा मानना है कि यह देश के हित में नहीं है। इससे देश में उत्तर भारतीय बनाम दक्षिण भारतीय जैसी नई बहस छिड़ जाएगी, जिसके गंभीर परिणाम होंगे। इसलिए, यह राष्ट्रीय हित में नहीं है।

महिला आरक्षण पर किसने रोका?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “लोकसभा की 543 सीटों पर सरकार राज्य विधानसभाओं की मौजूदा संख्या के आधार पर 33% (महिलाओं के लिए) आरक्षण दे सकती है। आपको कौन रोक रहा है? 33% आरक्षण दें। लेकिन अगर आप 50% फॉर्मूले के तहत सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो असल में आपकी सोच क्या है? आप परिसीमन कैसे करेंगे? आप चुनाव क्षेत्रों का निर्धारण कैसे करेंगे? हो सकता है कि आप देशभर में ऐसे चुनाव क्षेत्र बना दें, जहां सिर्फ BJP ही जीत सके।”

सांसद संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने असम में भी कुछ ऐसा ही किया था, जहां एक लोकसभा क्षेत्र में 26 लाख वोटर थे, जबकि दूसरे में सिर्फ 12 लाख वोटर थे। इसलिए, अगर यह भारतीय जनता पार्टी की कोई साजिश है, तो उन्हें इसमें कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल, पहले यह देखते हैं कि वे असल में क्या करने की योजना बना रहे हैं।

क्या है परिसीमन विधेयक?

केंद्र सरकार द्वारा लाया गया परिसीमन विधेयक, 2026 लोकसभा में वर्तमान में 543 सीटों से बढ़ाकर लगभग 850 सीटें करने, 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने और वर्ष 2029 तक महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने से जुड़ा एक प्रमुख विधेयक है। इस बिल के तहत लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर 850 (राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेशों से 35) करने का प्रस्ताव है।