
प्रतीकात्मक तस्वीर
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में शनिवार को अज्ञात हमलावरों ने स्कूल जा रहे एक हेडमास्टर को दिनदहाड़े गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें पहले इस्लामपुर सब-डिविजनल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर सिलीगुड़ी के बड़े हॉस्पिटल रेफर किया गया। इलाज के दौरान दोपहर में उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान नजरुल इस्लाम के रूप में हुई है। नजरुल इस्लाम इस्लामपुर के एक स्थानीय स्कूल में हेडमास्टर थे।
जानकारी के अनुसार वह शनिवार को रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान मदारिपुर इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और फायरिंग की। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके।
पुलिस के अनुसार अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हत्या के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। नजरुल इस्लाम की बेटी नैना खातून ने रोते हुए कहा कि कहा कि परिवार को समझ नहीं आ रहा कि उनके पिता को निशाना क्यों बनाया गया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ईमानदार व्यक्ति थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार को किसी तरह की रंजिश की जानकारी नहीं है। मृतक की पत्नी रुखसाना खातून ने बताया कि जिस समय नजरुल को गोली मारी गई, उस वक्त वह उनसे मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गोली लगने के बाद उन्होंने फोन पर बताया था कि उन्हें गोली लगी है, लेकिन वह यह नहीं बता सके कि हमला किसने किया। साथी शिक्षकों ने भी घटना पर हैरानी जताई है। उन्होंने नजरुल इस्लाम को समर्पित, समय के पाबंद और जिम्मेदार शिक्षक बताया। चश्मदीदों के अनुसार, नजरुल का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं था। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी है।
Updated on:
08 Aug 2026 04:41 pm
Published on:
08 Aug 2026 04:41 pm
