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West Bengal News: बंगाल में शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 7% नहीं 17% ओबीसी आरक्षण के आधार पर होगी प्रक्रिया

West Bengal Teacher Recruitment: पश्चिम बंगाल में स्कूल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 17% ओबीसी आरक्षण के आधार पर आगे बढ़ेगी। एसएससी ने रुकी हुई काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फिर शुरू करने का फैसला किया है।
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कोलकाता

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Rakesh Mishra

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Updated: 6 Aug 2026, 6:11 PM IST

OBC Reservation

स्कूल शिक्षकों की भर्ती में ओबीसी आरक्षण मामला। प्रतीकात्मक तस्वीर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को 17% से घटाकर 7% किए जाने के बावजूद स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) ममता बनर्जी सरकार की ओर से लागू किए गए 17% ओबीसी आरक्षण के आधार पर ही स्कूल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ओबीसी श्रेणी में और उप-जातियों को शामिल कर आरक्षण को 7% से बढ़ाकर 17% किया था। पिछले साल जारी भर्ती गजट नोटिफिकेशन में राज्य सरकार ने 17% ओबीसी आरक्षण लागू होने की बात कही थी।

काउंसलिंग 14 अगस्त से फिर शुरू होगी

सूत्रों के मुताबिक एसएससी को 17% ओबीसी आरक्षण के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके बाद आयोग ने दूसरी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फिर से शुरू कर दिया है और हायर सेकेंडरी पदों के लिए रुकी हुई काउंसलिंग 14 अगस्त से दोबारा शुरू करेगा। एसएससी ने 5 अगस्त को घोषणा की कि बाकी 12 हायर सेकेंडरी विषयों के लिए काउंसलिंग 14 अगस्त से फिर शुरू होगी। विधानसभा चुनावों से पहले 21 हायर सेकेंडरी विषयों के लिए काउंसलिंग पूरी हो चुकी थी।

रुक गई थी भर्ती प्रक्रिया

आयोग ने साक्षात्कार का इंतजार कर रहे सेकेंडरी स्तर के शिक्षक उम्मीदवारों के लिए 30 जुलाई से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी फिर शुरू कर दिया था। ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रेल 2025 में 17,209 शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने के बाद निर्देश दिया था कि सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए करीब 35,000 शिक्षकों की भर्ती 31 अगस्त 2026 तक पूरी की जाए। अदालत ने कहा था कि एसएससी की 2016 की चयन प्रक्रिया के तहत हुई नियुक्तियां 'दोषपूर्ण' थीं।

सितंबर में चयन परीक्षाएं आयोजित की गईं

ममता बनर्जी सरकार की ओर से शुरू की गई नई भर्ती प्रक्रिया में पिछले साल सितंबर में चयन परीक्षाएं आयोजित की गईं थीं। इस साल विधानसभा चुनावों से पहले कुछ हायर सेकेंडरी विषयों के लिए इंटरव्यू भी हुए थे। हालांकि मई में प्रक्रिया रोक दी गई थी। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से 18 मई को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि 66 ओबीसी वर्गों के लिए 7% आरक्षण 'बंगाल सरकार के तहत पदों और सेवाओं' पर लागू होगा। इसके बाद एसएससी ने कानूनी राय मांगी थी कि क्या सरकार का 2010 के ओबीसी आरक्षण नियमों पर वापस लौटने का फैसला, जिसमें आरक्षण 17% से घटाकर 7% किया गया था, चल रही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर भी लागू होगा।

समय-सीमा को पूरा करना मुश्किल

भर्ती प्रक्रिया में पहले ही हुई देरी के कारण सुप्रीम कोर्ट की 31 अगस्त की समय-सीमा को पूरा करना मुश्किल माना जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री दीप बर्मन ने 29 जुलाई को कहा था कि अगर भर्ती प्रक्रिया अगस्त तक पूरी नहीं हो पाती है, तो विभाग समय-सीमा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। समय-सीमा बढ़ाने की जरूरत उन 15,403 'नौकरी से निकाले गए लेकिन बेदाग' शिक्षकों के लिए भी मानी जा रही है, जो अपनी नौकरी वापस पाने के लिए नई चयन प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, उन्हें केवल 31 अगस्त तक ही वेतन मिलता रहेगा।