Saba Haider Victory: गाजियाबाद की सबा हैदर ने अमेरिका के शिकागो, इलिनॉइस में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी से जीत दर्ज कर देश का नाम रोशन किया है। अब वह नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।
Saba Haider Victory:गाजियाबाद की रहने वाली सबा हैदर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने अमेरिका में 17 मार्च को हुए स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बड़ी जीत हासिल की। यह चुनाव सिकागो, इलिनॉइस में हुआ, जहां सबा ने अपनी ही पार्टी के प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत दर्ज की। अब वह नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगी।
यह पहली बार नहीं है जब सबा हैदर ने राजनीति में सफलता हासिल की हो। इससे पहले साल 2024 में भी उन्होंने ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। गाजियाबाद के संजय नगर स्थित चित्रगुप्त विहार की निवासी सबा की इस जीत से उनके परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। उनके घर पर जश्न का माहौल है और लोग उन्हें लगातार बधाइयां दे रहे हैं।
सबा के भाई अब्बास हैदर के अनुसार, चुनाव के नतीजों को लेकर परिवार पूरी रात जागता रहा। अमेरिका और भारत के समय में करीब 11 घंटे का अंतर होने के कारण मतगणना भारतीय समयानुसार देर रात तक चलती रही। आखिरकार सुबह करीब 6 बजे परिणाम सामने आए, जिसमें सबा ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इस दौरान परिवार लगातार अपडेट लेता रहा और जीत की पुष्टि होने तक किसी ने नींद नहीं ली।
अगर उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की बात करें, तो सबा हैदर ने गाजियाबाद से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीएससी की डिग्री हासिल की और फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिर्सिटी से वाइल्डलाइफ साइंसेज में एमएससी किया।
साल 2006 में अली काजमी से विवाह के बाद वह 2007 में अमेरिका चली गईं, जहां उन्होंने अपने करियर की नई शुरुआत की। शुरुआती दिनों में ही उन्होंने समाजसेवा को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाया और स्थानीय समुदाय से जुड़ते हुए कई सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने योग प्रशिक्षक के रूप में भी काम किया और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया। धीरे-धीरे उनकी पहचान एक सक्रिय और जिम्मेदार सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बनने लगी। इसी सक्रियता के चलते उन्हें पब्लिक हेल्थ बोर्ड, इंडियन प्रेयरी एजुकेशनल फाउंडेशन और इंडियन प्रेयरी पेरेंट्स काउंसिल जैसे संगठनों में नेतृत्व करने के अवसर मिले, जहां उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़े कई अहम कार्यों में योगदान दिया।
अमेरिका में बसने के बाद सबा ने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने योग प्रशिक्षण दिया और कई संगठनों जैसे पब्लिक हेल्थ बोर्ड, इंडियन प्रेयरी एजुकेशनल फाउंडेशन और इंडियन प्रेयरी पेरेंट्स काउंसिल में नेतृत्व की भूमिका निभाई। अब उनकी यह जीत उनके राजनीतिक सफर को एक नई दिशा दे रही है और नवंबर के मुख्य चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हैं।