यूपी के गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से खोल दिया गया है। यानी करीब 13 माह पहले की तरह यहां से दिल्ली का आवागमन शुरू हो गया है। किसानों की घर वापसी के बाद दिल्ली और यूपी पुलिस ने मार्ग से बैरिकेडिंग को पूरी तरह से हटा लिया है। मार्ग खुलने के साथ रोजाना दिल्ली अप-डाउन करने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है।

गाजियाबाद. यूपी के गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से खोल दिया गया है। यानी करीब 13 माह पहले की तरह यहां से दिल्ली का आवागमन शुरू हो गया है। बता दें कि किसान आंदोलन के चलते नेशनल हाईवे-9 को बंद कर दिया गया था। उसके बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को भी पूरी तरह से बंद किया गया था। सड़क पर ही किसानों ने तंबू लगा दिए थे। जबकि दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस की तरफ से भी बॉर्डर के दोनों तरफ लोहे और सीमेंट की बैरिकेडिंग कर दी गई थी। अब किसानों की घर वापसी के बाद दिल्ली और यूपी पुलिस ने मार्ग से बैरिकेडिंग को पूरी तरह से हटा लिया है। यहां पहले की तरह अब वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया है। मार्ग खुलने के साथ रोजाना दिल्ली अप-डाउन करने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खाेलते हुए गाजीपुर और चिल्ला बार्डर को पूरी तरह बंद कर आंदोलन शुरू किया था। नोएडा के चिल्ला बॉर्डर को तो प्रशासन ने पहले ही खुलवा दिया था, लेकिन गाजियाबाद स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर बड़े स्तर पर किसानों का आंदोलन लंबे समय तक चला। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत लगातार आंदोलन को धार देते रहे। आखिरकार 13 महीने बाद सरकार को किसानों के सामने झुकना पड़ा। सरकार के कानून वापस लेने के बाद भी किसान अन्य मांगाें को लेकर अड़ गए। इसके बाद सरकार ने मांगों पर समिति बनाने का निर्णय लिया, तब कहीं जाकर किसानों ने आंदोलन स्थगित करते हुए घर वापसी का फैसला लिया।
रोजाना दिल्ली जाने आने वालों को बड़ी राहत
किसान आंदोलन के चलते दिल्ली आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सभी लोग दूसरे वैकल्पिक रास्तों को चुनकर घंटों की दूरी तय कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे थे, लेकिन अब किसानों की घर वापसी के बाद जहां एक तरफ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। वहीं, दूसरी तरफ इस रास्ते से दिल्ली आने जाने वाले हजारों लोग भी बेहद खुश हैं। लोगों का कहना है कि मार्ग बंद होने के चलते उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। अब बॉर्डर खुलने से वह पहले की तरह दिल्ली आ जा सकेंगे।
आंदोलन स्थल पर सड़क मेंटेनेंस का कार्य जारी
बता दें कि सबसे पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे को खोला गया था। वहीं, अब शुक्रवार को लोहे और सीमेंट की बैरिकेडिंग पूरी तरह से हटा दी गई है और नेशनल हाईवे-9 को भी पूरी तरह से खोल दिया गया है। इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी भी जिस स्थान पर आंदोलन चल रहा था, वहां और उसके आसपास सड़क मेंटेनेंस का कार्य जारी है।
महिलाओं के मन की बात
उत्तरप्रदेश में केंद्र व राज्य सरकार की महिलाओं से जुडी योजनाओं का क्या हाल है? क्या इनसे किसी तरह का सामाजिक बदलाव आया है? इस चुनावी माहौल में क्या है उत्तरप्रदेश की महिलाओं/बेटियों के मन में... कुछ सवालों के जवाब के जरिए पत्रिका को भेजें अपनी राय : इस लिंक पर - https://forms.gle/PHsay4TdHhTSUMAF6