गाज़ियाबाद

गाजियाबाद में नहीं बदलेंगी हाउस टैक्स की दरें, आदेश रद्द, मेयर और सांसद ने निभाई मुख्य भूमिका

लंबे विरोध और पार्षदों की एकजुटता के बाद आखिरकार गाजियाबाद नगर-निगम की बोर्ड बैठक में डीएम सर्कल रेट पर आधारित हाउस टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है।
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गाजियाबाद नगर निगम, PC- एक्स।

गाजियाबाद : लंबे विरोध और पार्षदों की एकजुटता के बाद आखिरकार गाजियाबाद नगर-निगम की बोर्ड बैठक में डीएम सर्कल रेट पर आधारित हाउस टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। अब पुराने तरीके से ही हाउस टैक्स की वसूली की जाएगी। इस महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा मेयर सुनीता दयाल ने की, जिससे गाजियाबाद के लाखों निवासियों को बड़ी राहत मिली है।

सोमवार को गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने जनता के हित में यह बड़ा कदम उठाया। बैठक में सांसद अतुल गर्ग, सदर विधायक संजीव शर्मा, साहिबाबाद से विधायक और प्रदेश के मंत्री सुनील शर्मा, और मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी सहित सभी ने बढ़े हुए हाउस टैक्स को निरस्त करने का समर्थन किया।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने नए स्लैब के बारे में जनप्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी दलीलें नहीं चलीं। सभी ने एकमत से कहा कि जनता पर एक साथ इतना अधिक वित्तीय बोझ नहीं डाला जा सकता है। जनप्रतिनिधियों ने निगम को सभी घरों से उचित टैक्स लगाकर इसकी भरपाई करने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया।

मेयर और जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका

इस फैसले में मेयर सुनीता दयाल की भूमिका सबसे अहम रही। सांसद अतुल गर्ग ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनता की जीत बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को समझें और उनका समाधान करें। सदर विधायक संजीव शर्मा और साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने भी बढ़े हुए हाउस टैक्स को अन्यायपूर्ण करार दिया। मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी ने भी इस प्रस्ताव को निरस्त करने में अपना पूरा सहयोग दिया।

पुराने भुगतान होंगे समायोजित

मेयर सुनीता दयाल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अगले दो महीने तक हाउस टैक्स का कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। कर विभाग इस अवधि में अपने स्तर पर सभी संपत्तियों का सही तरीके से सर्वे करेगा। भविष्य में हर दो साल में केवल 10 फीसदी हाउस टैक्स बढ़ाने का ही नोटिस दिया जाएगा। जिन लोगों ने पहले ही बढ़े हुए डीएम सर्कल रेट के हिसाब से भुगतान कर दिया है, उनकी राशि को आगे के भुगतानों में समायोजित किया जाएगा। बोर्ड बैठक से हाउस टैक्स के प्रस्ताव को निरस्त करने के इस फैसले को शासन को भेजा जाएगा।

यह फैसला तब आया है जब 7 मार्च 2025 को सदन की बैठक के बाद बिना पार्षदों की सहमति के डीएम सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स को पास कर दिया गया था। इसके बाद से ही लोगों, आरडब्ल्यूए, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ विपक्षी पार्षदों और यहां तक कि भाजपा के पार्षदों ने भी इसका कड़ा विरोध किया। मामला हाईकोर्ट में भी चला गया था, जिसकी सुनवाई 29 जुलाई को होनी है। कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का प्रयास किया, जिससे सदन में काफी हंगामा भी हुआ। संजय नगर व्यापार मंडल ने भी इस बढ़ोतरी का विरोध किया था, जिसके चेयरमैन प्रदीप गर्ग और अध्यक्ष विपिन गोयल ने इसे कॉमर्शियल और आवासीय संपत्तियों पर 10 गुना तक टैक्स वृद्धि बताया था।

मकान की आयु के हिसाब से छूट पर विवाद

मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि इस बार जो मकान की आयु के हिसाब से छूट देने का फैसला लिया गया था, वह अब नहीं दी जाएगी। हालांकि, कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने वाले पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि उन्होंने कई बिंदुओं पर केस किया है और 0-10 साल आयु के मकान पर 25%, 10-20 साल पर 32.5% और 20 साल से अधिक आयु के मकान पर 40% की छूट मिलनी चाहिए, जिसे खत्म नहीं किया जा सकता है। यह मुद्दा भविष्य में भी चर्चा का विषय बन सकता है।

Updated on:
01 Jul 2025 12:39 pm
Published on:
01 Jul 2025 12:39 pm
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