Jain Muni Tarun Sagar Death : जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज को समाधि दोपहर तीन बजे गाजियाबाद के मुरादनगर में तरुणसागरम तीर्थ पर दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन मुनि के निधन पर दुख जताया
गाजियाबाद। शनिवार की सुबह 3.18 बजे जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज का निधन हो गया। वह 51 वर्ष के थे। जैन मुनि पीलिया से पीड़ित थे। उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जब उन्हें सुधार नजर नहीं आया तो उन्होंने इलाज कराना बंद कर दिया था।इसके आद उन्होंने कृष्णानगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास स्थल पर जाने का निर्णय लिया था, जहां उन्होंने शनिवार को सुबह 3.18 बजे अंतिम सांस ली। शनिवार दोपहर तीन बजे गाजियाबाद के मुरादनगर में तरुणसागरम तीर्थ पर उन्हें समाधि दी जाएगी। जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज की अंतिम यात्रा दिल्ली के राधेपुर से शुरू होगी आैर यहां तरुणसागरम तक जाएगी। जैन मुनि के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि मुनि तरुण सागर जी महाराज के असमय निधन से गहरा दुख हुआ है। उनके ऊंचे आदर्शों और समाज के प्रति योगदान के लिए हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे। उनके विचार लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे। जैन समुदाय और उनके असंख्य अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदना है।
उनके प्रवचन सुनने को बेताब रहते थे
जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज के प्रवचन सुनने के लिए उनके अनुयायियों की हमेशा भीड़ रही। वह जहां भी जाते जैन समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदाय के लोग उनके प्रवचन सुनते थे। उनके प्रवचनों से सीख लेकर लोगों ने अपनी राह तलाशी।
चर्चाआें में रहे उनके बयान
जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज विभिन्न मुद्दों पर अपने बयानों को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहे। उन्होंने कर्इ प्रदेश की विधान सभाआें में प्रवचन दिया। तीन तलाक, भ्रष्टचार समेत कर्इ मुद्दों पर उनके बयान चर्चा में रहे।
मध्य प्रदेश में हुआ था जन्म
मध्य प्रदेश में 1967 में जन्मे जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज का वास्तविक नाम पवन कुमार जैन था। पिता का नाम प्रताप चंद्र आैर उनकी मां का नाम शांतिबाई था। उन्होंने जैन संत बनने के लिए आठ मार्च 1981 को घर छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली।