आमने-सामने से भिड़ी गाड़ियों के उड़े परखच्चे
गाजियाबाद। देश के सबसे लंबे 6 लेन के जिस एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री के पास समय नहीं है, उस एक्सप्रेस-वे को लोगों ने खुद ही खोल लिया और इसका नतीजा गंभीर रूप से सामने आया। हम बात कर रहे हैं कुंडली से पलवल तक बने 135 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की।
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गुरुवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में आमने-सामने से गाड़ियां टकरा गई। इस घटना से छह लोग आईसीयू में भर्ती हैं । इस हादसे की वजह लापरवाही प्रशासन की लापरवाही को माना जा रहा है। आपको बता दें कि अभी तक इस एक्सप्रेस-वे का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है । बावजूद इसके इस पर गाड़ियों की आवाजाही चल रही है। इस एक्सप्रेस-वे पर सेल्फी लेकर और गलत साइड से तेज रफ्तार गाड़ी चलाकर लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।
देखें हादसे का ये वीडियो- देश के सबसे हाईटेक एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट
दरअसल प्रशासन ने इस पर बैरीकेड किया था, लेकिन उस बैरीकेड को हटाकर लोग वाहन लेकर इसमें घुसने लगे हैं। इसी वजह से गुरुवार को मुरादनगर में इस एक्सप्रेस-वे पर 2 गाड़ियां आमने-सामने से टकरा गईं। आपको बता दें कि अभी तक इस पर ट्रैफिक नियमों को लेकर जो गाइडलाइंस लगनी थी , वह नहीं लगी हैं और लोग इस पर वाहन दौड़ा रहे हैं। कुछ लोग गलत दिशा से भी घुस रहे हैं। इसी के चलते आमने-सामने से गाड़ियां टकरा जाने से के कारण 6 लोग आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें एक परिवार दादरी का रहने वाला है तो दूसरा परिवार गाजियाबाद के फारुखनगर का रहने वाला है। यहां हादसे के दौरान ब्रिजा और ओमनी गाड़ी आमने-सामने से जबरदस्त तरीके से टकरा गई। एक परिवार शादी में जा रहा था और अस्पताल पहुंच गया। छह के छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कुंडली से पलवल को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस वे दिल्ली में जाम को कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है। भारी वाहनों को दिल्ली की बजाय इस पर से गुजारा जाएगा । इस पर कहा यह भी गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्घाटन के लिए वक्त नहीं है । लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए यह कह दिया था कि अगर मई के आखिर तक इसे नहीं खोला गया तो 1 जून से इसे खुला हुआ मान लिया जाएगा। हालांकि केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर आकर सफाई भी दी थी और कहा था कि प्रधानमंत्री की वजह से यह बंद नहीं है। बल्कि अभी काम बचा हुआ है। प्रशासन ने जो भी कहा हो लेकिन असलियत यह है कि लोग इस पर आवाजाही शुरू कर चुके हैं और यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है।