गाज़ियाबाद

Tokyo Olympics: मीराबाई चानू की सफलता के पीछे इस व्यक्ति ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, जानिये कौन हैं विजय शर्मा

Tokyo Olympics में सिल्वर मेडल जीतने वाली Mirabai Chanu के कोच द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा की मेहनत लाई रंग।

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Tokyo Olympics
Tokyo Olympics में सिल्वर मेडल जीतने वाली Mirabai Chanu के कोच द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा की मेहनत लाई रंग।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद.मीराबाई चानू ने Tokyo Olympics में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। चानू की सफलता में एक व्यक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनका नाम है विजय शर्मा। बता दें कि विजय शर्मा गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले हैं। विजय शर्मा की कोचिंग के दम पर ही मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर 21 साल बाद वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) में रिकॉर्ड कायम किया है।

मोदीनगर के रहने वाले विजय कुमार शर्मा (Vijay Kumar Sharma) के साथ आज पूरे देश को मीराबाई चानू पर गर्व है। मरीबाई चानू ने पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद ओलंपिक मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। चानू के वेट लिफ्टिंग कोच विजय शर्मा ने बताया कि उनका परिवार माता-पिता सोमा देवी व मोहनलाल शर्मा के साथ माेदीनगर में रहता है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें खेलों में बहुत रुचि रही है। स्कूली समय मे वह सबसे पहले फुटबॉल खेला करते थे। उसके बाद दौड़ में भी रुचि लेने लगे और फिर वेटलिफ्टिंग में आ गए। सबसे ज्यादा इन्हें वेटलिफ्टिंग अच्छी लगने लगी और वह वेटलिफ्टिंग में बेहतर प्रदर्शन करने लगे। कई जगह उन्होंने प्रतियोगिताओं में नंबर वन बने। वेटलिफ्टिंग के बूते 1993 में स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में टीसी की नौकरी मिल गई।

2018 में मिला द्रोणाचार्य अवार्ड

रेलवे की तरफ से उन्होंने कई जगह प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और रेलवे को कई स्वर्ण पदक दिलाकर एक नई पहचान बनाई। साथ ही उन्होंने इंटर रेलवे चैंपियनशिप में चार बार जीत हासिल की। 1998 और 1999 में वह वेट लिफ्टिंग के दो बार नेशनल चैंपियन भी बने। उन्हें 2018 में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद से वह लगातार वेटलिफ्टिंग की कोचिंग दे रहे हैं।

चानू ने भी मोदीनगर में बिताया काफी समय

उन्होंने बताया कि 2017 में मीराबाई चानू मोदीनगर आई थीं। काफी समय चानू ने मोदीनगर ही रहीं। करीब पांच साल से वह चानू को ट्रेनिंग दे रहे हैं। वह वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद 2017 में मीराबाई चानू ने मोदीनगर में यूपी स्टेट चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि चानू को सिल्वर मेडल मिलने पर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।

Published on:
25 Jul 2021 12:12 pm
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