Tokyo Olympics 2020: संघर्षों से भरा रहा मीराबाई चानू का बचपन, एक किताब ने बदली जिंदगी

Tokyo Olympics 2020: मीराबाई चानू ओलंपिक में मेडल जीतने वालीं भारत की दूसरी वेटलिफ्टर बन गई हैं। इससे पहले सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ‌ने कांस्य पदक जीता था।

By: Mahendra Yadav

Updated: 24 Jul 2021, 04:34 PM IST

Tokyo Olympics 2020: भारत की महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। मीराबाई चानू को सिल्वर मेडल मिलने पर सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं। बॉलीवुड से लेकर खेल जगत और राजनेता सभी उन्हें देश के लिए मेडल लाने पर बधाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स मीराबाई चानू की प्रशंसा करते थक नहीं रहे हैं। मीराबाई चानू ओलंपिक में मेडल जीतने वालीं भारत की दूसरी वेटलिफ्टर बन गई हैं। इससे पहले सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ‌ने कांस्य पदक जीता था। पीएम मोदी ने चानू के सिल्वर मेडल जीतने पर ट्वीट कर लिखा,'इससे सुखद शुरुआत नहीं हो सकती, भारत उत्साहित है। मीराबाई चानू का शानदार प्रदर्शन। वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने के लिए उन्हें बधाई। उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है।' हालांकि मीराबाई चानू का बचपन संघर्षों में बीता है।

संघर्षों में बीता बचपन
मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त, 1994 को मणिपुर के नोंगपेक काकचिंग गांव में हुआ था। बताया जाता है कि शुरुआत में मीराबाई तीरंदाज बनना चाहती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अपना कॅरियर चुनना पड़ा। मीराबाई चानू का जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा है। वह बचपन में पहाड़ से जलावन की लकड़ियां बीनती थीं। ऐसे में बचपन से ही मीराबाई भारी वजन उठाने की अभ्यस्त थीं।

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किताब ने बदली जिंदगी
मीराबाई पहले तीरंदाज बनना चाहती थीं लेकिन कक्षा आठ में एक किताब ने उनका जीवन बदल दिया और वह वेटलिफ्टर बन गईं। दरअसल, कक्षा आठ की किताब में मशहूर वेटलिफ्टर कुंजरानी देवी का जिक्र था। कुंजरानी इम्फाल की ही रहने वाली हैं और कोई भी भारतीय महिला वेटलिफ्टर कुंजरानी से ज्यादा मेडल नहीं जीत पाई है। कुंजरानी की कहानी पढ़कर मीराबाई चानू ने भी वेटलिफ्टर बनने का निर्णय कर लिया।

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कॉमनवेलथ गेम्स से लेकर अब तक
मीराबाई की मेहनत वर्ष 2014 के ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में रंग लाई। यहां उन्होंने 48 किलो भारवर्ग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद उन्हें रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिला लेकिन यहां उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इसके बाद वर्ष 2017 के विश्व भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2018 में चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपना और देश का गौरव बढ़ाया। मीराबाई 2021 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली इकलौती भारतीय वेटलिफ्टर हैं। एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य जीतकर उन्होंने टोक्यो का टिकट हासिल किया था।

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