गाज़ियाबाद

Toll Tax को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, FASTag लागू होने के साथ ही बदल गया एक और नियम

Highlights: -15 जनवरी की रात से नेशनल हाइवे पर मौजूद टोल बूथ पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है -हालांकि सरकार द्वारा 65 टोल बूथों पर इस व्यवस्था को 30 दिन तक बढ़ा दिया गया है -इस प्रक्रिया के बाद आने-जाने की पर्ची एक साथ कटाने पर मिलने वाले डिस्काउंट को खत्म कर दिया गया है

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गाजियाबाद। अब टोल टैक्स (Toll Tax) पार करने वाले उन वाहन चालकों को झटका लगा है जो आने-जाने का टैक्स एक ही बार जमा कर देते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था कि उसमें कुछ छूट मिलती थी। लेकिन, टोल बूथ (Toll Booth) पर फास्टैग (Fastag) अनिवार्य होने के बाद इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। जिसके बाद अब वाहन चालकों को आने-जाने के लिए पर्ची एक साथ कटाने वाला डिस्काउंट नहीं मिल सकेगा।

बता दें कि 15 जनवरी यानी बुधवार की रात से देशभर के नेशनल हाइवे पर मौजूद टोल बूथ पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि सरकार द्वारा 65 टोल बूथों पर इस व्यवस्था को 30 दिन तक बढ़ा दिया गया है। वहीं इस प्रक्रिया के लागू होने के साथ ही आने-जाने की पर्ची एक साथ कटाने पर मिलने वाले डिस्काउंट को भी खत्म कर दिया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा एक सर्कुलर इस बाबत जारी कर दिया गया है।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डीजीएम मुदित गर्ग ने बताया कि अभी तक इससे पहले जो भी वाहन चालक 24 घंटे की आने जाने की पर्ची एक साथ कैश देकर लेता था, तो उसे छूट का प्रावधान था। इसे अब सरकार द्वारा आदेश पारित कर समाप्त कर दिया गया है। 15 जनवरी से यह सुविधा वाहन चालकों को नहीं मिलेगी।

उन्होंने बताया कि यदि वह वाहन चालक 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में रहता है और उसे अपना वाहन टोल पार करने के लिए 24 घंटे में आना जाना होता है। तो ऐसे वाहन चालकों को भी फास्टैग ही बनवाना पड़ेगा। उन्हें फास्टैग के जरिए ही छूट मिलेगी। अब सभी वाहन चालकों को जल्द से जल्द फास्टैग बनवा लेने चाहिए।

Updated on:
16 Jan 2020 03:42 pm
Published on:
16 Jan 2020 03:41 pm
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