Highlights . होली का पर्व रंगों का त्यौहार है. होली पर देश में निर्मित रंग और पिचकारी की बड़ी डिमांड . मार्केट में रंग और पिचकारी मिल रही महंगी
गाजियाबाद। होली का पर्व रंगों का त्यौहार है। लेकिन इस बार होली पर अपने देश के निर्मित रंग और पिचकारी गुब्बारों से खेलेंगे। चीन में फैले कोरोना वायरस के डर से दुनियाभर के लोग खौफजदा है। चीन के अलावा इटली समेत कई देशों से आने वाले लोगों पर भी भारत सरकार ने नजर रखनी शुरू कर दी है। हालाही में इटली से आए लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देने को मिले थे। जिसके बाद नोएडा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। चीन में कोरोना वायरस की वजह से व्यापारी माल आयात करने से बच रहे है। यही वजह है कि मार्केट में इस बार कलर और पिचकारी महंगी मिल रही है।
होली रंगों का त्यौहार होता है। पर्व पर चाइना से पिचकारी, रंग और गुब्बारे आदि का इस्तेमाल होता है। हर साल भारी मात्रा में चीन से कारोबारी पिचकारी, गुब्बारे और रंगों का आयात करते है। लेकिन इस बार होली से पहले चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से तौंबा कर रहे है। कोरोना वायरस की वजह से लोगों में अच्छा खासा डर बैठ गया है। कारोबारी महिंद्र ने बताया कि चीन में फैले कोरोना वायरस से उनके व्यापार में भी काफी असर पड़ा है। इस साल के मुकाबले इस बार चाइना के रंग को पिचकारी गुब्बारे नहीं आ रहे हैं।
पूर्ण रूप से चीन से आने वाले सामान की खरीददारी नहीं कर रहे है। दुकानों पर खरीदारी करने आए वाले ग्राहक मोनिका ने बताया कि पिछले साल चाइना के बने हुए रंग और गुब्बारों से होली का त्यौहार मनाया था, लेकिन इस बार नहीं मना रहे है। इसकी वजह चीन में फैला कोरोना वायरस भी है। उन्होंने कहा कि देश में निर्मित रंग और गुब्बारों से होली का त्यौहार मनाया जाएगा।